देहरादून:उत्तराखंड में बढ़ती गर्मी और संभावित हीटवेव के खतरे को देखते हुए विद्यालयी शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभाग ने स्कूलों को हीटवेव एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। वहीं भीषण गर्मी के चलते देहरादून जिला प्रशासन ने 27 अप्रैल को सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है। इस संबंध में जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष सविन बंसल द्वारा आदेश जारी किया गया है।
लापरवाही पर सख्त चेतावनी:
महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा की ओर से जारी आदेश में साफ कहा गया है कि गर्मियों के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने हीटवेव से जुड़ी संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए पहले ही रणनीति तैयार कर ली है और अब इसे लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्कूलों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश:
निर्देशों के अनुसार सभी स्कूलों में नियमित अंतराल पर “वॉटर बेल” बजाने की व्यवस्था अनिवार्य की गई है, ताकि छात्र समय-समय पर पानी पीते रहें और डिहाइड्रेशन से बच सकें। इसके साथ ही स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
गर्मी की तीव्रता को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव का विकल्प भी दिया गया है। अत्यधिक गर्मी वाले क्षेत्रों में सुबह के समय कक्षाएं संचालित की जा सकती हैं। साथ ही कक्षाओं में पर्याप्त वेंटिलेशन और हवा के आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करना भी अनिवार्य किया गया है।
फर्स्ट एड और दवाइयों की व्यवस्था जरूरी:
हर विद्यालय में प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) की सुविधा और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत दी जा सके।
जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश:
विद्यालयों को छात्रों को हीटवेव से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें धूप से बचाव, अधिक पानी पीना, हल्के कपड़े पहनना और लक्षण दिखने पर तुरंत जानकारी देना शामिल है।
स्कूल स्तर पर बनेगा एक्शन प्लान:
हर स्कूल को अपना हीटवेव एक्शन प्लान तैयार करना होगा। इसमें आपात स्थिति में उठाए जाने वाले कदम, सूचना व्यवस्था और छात्रों की सुरक्षा के उपाय तय किए जाएंगे।
तेज धूप में गतिविधियों पर रोक:
निर्देशों के तहत दोपहर के समय तेज धूप में किसी भी प्रकार की खेल-कूद या बाहरी गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है, ताकि छात्रों को हीट स्ट्रोक से बचाया जा सके।
छुट्टी के बाद सुरक्षा के इंतजाम:
स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि छुट्टी के बाद छात्रों को समूह में घर भेजा जाए, जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके, खासकर छोटे बच्चों के लिए।
सरकार का एहतियाती कदम:
प्रदेश में बढ़ती गर्मी को देखते हुए शिक्षा विभाग का यह निर्णय एक महत्वपूर्ण और एहतियाती कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों पर गर्मी का प्रभाव अधिक होता है, ऐसे में स्कूल स्तर पर यह व्यवस्थाएं बेहद जरूरी हैं।
अब देखना यह होगा कि इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी तरीके से पालन होता है, ताकि छात्रों को भीषण गर्मी और हीटवेव से सुरक्षित रखा जा सके।







