देहरादून: उत्तराखंड सरकार प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और मत्स्य पालकों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री गोकुल एंब्रियो ट्रांसफर योजना के तहत विशेष वाहन और मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत रेफ्रिजरेटेड वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम में लाभार्थियों ने सरकार की योजनाओं से मिले लाभ साझा करते हुए बताया कि इन पहलों से उनके व्यवसाय को नई दिशा मिली है और आय में भी बढ़ोतरी हुई है। संवाद कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है।
सीएम धामी ने कहा कि वर्ष 2022 से लागू नीतियों के सकारात्मक परिणाम अब दिखने लगे हैं। प्रदेश के किसान तेजी से इन क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं, जिससे न केवल उनकी आजीविका मजबूत हो रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिल रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में ट्राउट फिशिंग को एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि जहां पहले यह चुनौती थी, वहीं अब इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि विभाग का उद्देश्य लाभार्थियों को सीधे मुख्यमंत्री से जोड़ना है, ताकि योजनाओं का फीडबैक मिल सके। उन्होंने ‘गोट वैली योजना’ को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि नवंबर 2023 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 5827 लाभार्थियों को जोड़ा जा चुका है और 90 हजार से अधिक बकरियां वितरित की गई हैं।
सरकार का मानना है कि इन योजनाओं के जरिए किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।







