रुद्रपुर: उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने देर रात रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। बिना पूर्व सूचना पहुंचे मंत्री ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, आईसीयू, टॉयलेट, बाथरूम और औषधि भंडार का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान कई मरीजों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई। मरीजों ने शिकायत की कि अस्पताल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब है और तय मेनू के अनुसार खाना नहीं दिया जा रहा। इसके अलावा टॉयलेट और बाथरूम में गंदगी की समस्या भी सामने आई।
मरीजों की शिकायतें सुनते ही स्वास्थ्य मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने साफ कहा कि मरीजों की सुविधाओं और स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि पहली बार गलती मिलने पर चेतावनी दी जा रही है, लेकिन दोबारा शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने भोजन की गुणवत्ता सुधारने और साफ-सफाई व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों के टॉयलेट और बाथरूम की स्थिति पर नाराजगी जताई और बाद में अस्पताल स्टाफ के टॉयलेट भी जांचे। इस पर उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिस तरह कर्मचारी अपने उपयोग वाले शौचालय साफ रखते हैं, उसी प्रकार मरीजों के लिए भी स्वच्छता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इसके बाद मंत्री ने जिला अस्पताल के औषधि भंडार का निरीक्षण किया। यहां अनियमितताओं और नकली दवाओं की आशंका सामने आने पर उन्होंने भंडार कक्ष को तत्काल सील करने के आदेश दे दिए। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक दवा भंडार सील रहेगा और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हाल ही में रुद्रपुर जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान महिला की मौत के मामले पर भी स्वास्थ्य मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है और मृतका के शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल से कराया गया है। यदि जांच में कोई भी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि मंत्री ने यह भी कहा कि इस संवेदनशील मामले पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है, ताकि हर मरीज को समय पर इलाज और स्वच्छ वातावरण मिल सके।







