उत्तराखंड में बेरोजगार नर्सिंग अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है. बीते 30 घंटे से अधिक समय से अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी पर चढ़े हुए हैं, जबकि उनके साथी नीचे धरने पर बैठे हैं. प्रदर्शनकारियों के समर्थन में ज्योति रौतेला भी टंकी पर मौजूद हैं और नीचे उतरने को तैयार नहीं हैं.
तेज धूप और बारिश की परवाह किए बिना प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं. खास बात यह है कि आज 12 मई को International Nurses Day के अवसर पर भी नर्सिंग अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी रहा. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस उनके लिए खुशी नहीं बल्कि “ब्लैक डे” बन गया है, क्योंकि अब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं हो पाया है.
नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर ने आरोप लगाया कि प्रशासन उनके आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा कि पानी की टंकी पर बैठे साथियों तक खाना और पानी पहुंचाने में भी बाधाएं डाली जा रही हैं. नवल पुंडीर ने कहा कि आज दोपहर स्वास्थ्य महानिदेशिका के साथ वार्ता प्रस्तावित है. यदि बातचीत में कोई सकारात्मक निर्णय नहीं निकलता है तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि आज का दिन उन लोगों के लिए खुशी का हो सकता है जिन्हें रोजगार मिल चुका है, लेकिन बेरोजगार नर्सिंग अभ्यर्थियों के लिए यह संघर्ष का दिन है. उन्होंने सरकार से मांग की कि अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस के अवसर पर नर्सिंग अभ्यर्थियों को वर्षवार नियुक्ति का तोहफा दिया जाए.
धरने पर बैठीं मधु उनियाल ने कहा कि उनके फोन पर लगातार नर्सिंग दिवस की शुभकामनाएं आ रही हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में वे इन शुभकामनाओं को स्वीकार नहीं कर पा रही हैं. उन्होंने कहा कि पिछले 159 दिनों से अभ्यर्थी वर्षवार नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर पाई है.
प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. वहीं आंदोलन को लेकर परेड ग्राउंड क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन की नजर लगातार बनी हुई है.







