रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस समय अपने चरम पर है। बाबा केदार के दर्शन के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं। बढ़ती भीड़ का असर अब केदारनाथ के 19 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग पर भी साफ दिखाई देने लगा है। पैदल मार्ग पर भीषण जाम की स्थिति के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें हजारों श्रद्धालु लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं।
यात्रा मार्ग पर लगातार बढ़ती भीड़ ने यात्रा प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं तुंगनाथ धाम में यात्रियों के बीच मारपीट के वायरल वीडियो ने भी व्यवस्थाओं को लेकर बहस तेज कर दी है।
भीमबली, लिनचोली और जंगलचट्टी में सबसे ज्यादा दबाव
जानकारी के अनुसार केदारनाथ पैदल मार्ग पर भीमबली, लिनचोली, जंगलचट्टी समेत कई संवेदनशील स्थानों पर मार्ग अत्यंत संकरा है। एक ओर हजारों श्रद्धालु पैदल यात्रा कर रहे हैं तो दूसरी ओर घोड़ा-खच्चर, पालकी और स्थानीय सेवा प्रदाताओं की आवाजाही भी जारी है। इसी वजह से कई स्थानों पर भीड़ का दबाव बढ़ गया है और यात्रियों को घंटों तक जाम में फंसकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि श्रद्धालुओं की लंबी कतारें कई किलोमीटर तक फैली हुई हैं। विशेष रूप से भीमबली और लिनचोली क्षेत्र में स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, जहां सीमित चौड़ाई वाले रास्तों पर बार-बार आवाजाही बाधित हो रही है।
बुजुर्गों और बच्चों को हो रही सबसे ज्यादा परेशानी
मार्ग पर लग रहे जाम का सबसे अधिक असर बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं पर पड़ रहा है। लंबे समय तक एक ही स्थान पर खड़े रहने से यात्रियों को थकान, सांस लेने में दिक्कत और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
कई श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्हें घंटों तक आगे बढ़ने का इंतजार करना पड़ा, जिससे यात्रा और अधिक कठिन हो गई। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी और मौसम की अनिश्चितता भी यात्रियों की परेशानी बढ़ा रही है।
सुरक्षा व्यवस्थाओं पर उठ रहे सवाल
श्रद्धालुओं का आरोप है कि पैदल मार्ग के कई हिस्सों में सुरक्षा प्रबंध अपेक्षित स्तर के नहीं हैं। पहाड़ी कटाव वाले क्षेत्रों और गहरी खाइयों के किनारे पर्याप्त बैरिकेडिंग तथा सुरक्षा इंतजामों की कमी दिखाई दे रही है। ऐसे में लगातार बढ़ रही भीड़ के बीच किसी भी प्रकार की आपात स्थिति गंभीर रूप ले सकती है।
यात्रियों ने यह भी दावा किया है कि भीड़ नियंत्रण और यात्री प्रबंधन के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस एवं सुरक्षा कर्मियों की तैनाती नजर नहीं आ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यात्रा के चरम सीजन में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
चारधाम यात्रा के दौरान प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं। ऐसे में भीड़ नियंत्रण, मार्ग सुरक्षा, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और निगरानी तंत्र को मजबूत बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए, मजबूत बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाए और पैदल मार्ग पर प्रभावी भीड़ नियंत्रण तंत्र लागू किया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
क्या बोलीं एसपी नीहारिका तोमर?
पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने कहा कि केदारनाथ पैदल मार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं को संकरे स्थानों पर लाइन बनाकर चलने की सलाह दी जा रही है और मौसम, विशेषकर बारिश की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
उन्होंने बताया कि केदारनाथ यात्रा मार्ग के साथ-साथ तुंगनाथ धाम में यात्रियों के बीच मारपीट के वायरल वीडियो भी संज्ञान में आए हैं, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासनिक कदमों पर टिकी निगाहें
फिलहाल केदारनाथ पैदल मार्ग पर बढ़ती भीड़, लगते जाम और सामने आ रही अव्यवस्थाएं श्रद्धालुओं के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। यात्रा सीजन के चरम पर पहुंचने के साथ ही अब सभी की निगाहें प्रशासन के आगामी कदमों और यात्रा प्रबंधन को और बेहतर बनाने के प्रयासों पर टिकी हैं।







