चमोली। उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या सड़कों पर भी भारी दबाव बना रही है। केदारनाथ और बदरीनाथ यात्रा मार्गों पर लगातार जाम की स्थिति देखने को मिल रही है। इसी बीच चमोली जिले के जोशीमठ क्षेत्र से सामने आई तस्वीरों और वीडियो ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में लंबी-लंबी वाहनों की कतारें साफ देखी जा सकती हैं।
दरअसल, बदरीनाथ धाम यात्रा के साथ-साथ हेमकुंड साहिब यात्रा भी शुरू हो चुकी है। ऐसे में दोनों यात्राओं के श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही के कारण जोशीमठ से मारवाड़ी तक का मार्ग पिछले चार दिनों से जाम की चपेट में है। स्थिति यह रही कि यात्रियों को घंटों तक सड़क पर फंसे रहना पड़ा।
जानकारी के अनुसार जोशीमठ के जीरो बैंड से लेकर मारवाड़ी तक करीब 8 किलोमीटर लंबे मार्ग पर सड़क संकरी होने के कारण दिनभर और देर रात तक जाम लगा रहा। चारधाम यात्रा में लगातार बढ़ रही भीड़ और वाहनों के दबाव ने पुलिस और प्रशासन के लिए भी चुनौती खड़ी कर दी है।
प्रशासन ने लागू किया गेट सिस्टम
यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए प्रशासन ने अब जोशीमठ में गेट सिस्टम और वन-वे व्यवस्था लागू कर दी है। इसके तहत जोशीमठ पेट्रोल पंप से लेकर मारवाड़ी तक वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा।
नई व्यवस्था के अनुसार एक समय में केवल एक दिशा से वाहनों को छोड़ा जाएगा, जबकि दूसरी दिशा के वाहनों को रोका जाएगा। आधे-आधे घंटे के अंतराल पर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही कराई जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से ट्रैफिक का दबाव कम होगा और यात्रियों को राहत मिलेगी।
यात्रियों को झेलनी पड़ी भारी परेशानी
पिछले तीन से चार दिनों के दौरान लगे जाम ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं। कई वाहन सड़क किनारे गड्ढों में फंस गए, जबकि कई वाहन घंटों तक लंबी कतारों में खड़े रहे। श्रद्धालुओं को खाने-पीने के सामान और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार मौके पर तैनात हैं और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि यात्रा सीजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा उनकी प्राथमिकता है।
क्या बोले एसडीएम जोशीमठ?
एसडीएम जोशीमठ चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि यात्रियों की सुविधा और जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए गेट सिस्टम लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि आधे-आधे घंटे के अंतराल में दोनों तरफ से वाहनों को छोड़ा जाएगा, जिससे ट्रैफिक सुचारू रूप से संचालित हो सके और श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
राहत की उम्मीद
चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा के चरम सीजन में लागू की गई यह नई व्यवस्था फिलहाल राहत भरा कदम मानी जा रही है। यदि गेट सिस्टम प्रभावी साबित होता है तो आने वाले दिनों में बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं को जाम से काफी हद तक निजात मिल सकती है।







