24 दिसंबर की रात गोलीबारी में घायल होकर एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराए गए कुख्यात विनय त्यागी की 27 दिसंबर को इलाज के दौरान मौत हो गई। विनय त्यागी की मौत के बाद मामला और भी सनसनीखेज हो गया है। मृतक की बहन सीमा त्यागी और बेटी ने इस पूरे घटनाक्रम को साजिश करार देते हुए पुलिस प्रशासन पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सीमा त्यागी ने करोड़ों रुपये की काली कमाई से जुड़े राज और हत्या की साजिश का दावा किया है।
एम्स ऋषिकेश में मीडिया से बातचीत के दौरान विनय त्यागी की बहन सीमा त्यागी ने आरोप लगाया कि विनय एक ठेकेदार की करीब 750 करोड़ रुपये की काली कमाई का राज जानता था। यह रकम देहरादून के एक डॉक्टर के घर में छिपाकर रखी गई थी। सीमा के अनुसार, विनय इस पूरे मामले की जानकारी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को देने की तैयारी में था। जब यह बात संबंधित ठेकेदार को पता चली तो उसने डॉक्टर के जरिए विनय को चोरी के एक मामले में फंसाकर जेल भिजवा दिया। ताकि यह राज कभी सामने न आ सके, विनय को खत्म करने की साजिश रची गई।
सीमा त्यागी ने आरोप लगाया कि इस पूरी घटना के पीछे एक ठेकेदार की साजिश है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार के घर पर छापा पड़ने वाला था, इससे पहले उसने अपनी 750 करोड़ रुपये की नकदी और जेवरात देहरादून के एक डॉक्टर के घर छिपा दिए। डॉक्टर और विनय त्यागी के बीच अच्छी दोस्ती थी, जिसके चलते विनय को इस रकम की जानकारी हो गई थी। विनय को पता चल गया था कि यह पैसा ठेकेदार का है, जिसे छिपाकर रखा गया है।
सीमा ने बताया कि विनय त्यागी की पत्नी ने चुनाव भी लड़ा था और उस दौरान ठेकेदार ने विनय को काफी परेशान किया था। इसी कारण दोनों के बीच रंजिश थी। इसी बदले की भावना के चलते विनय ने यह तय किया था कि वह इस काली कमाई की जानकारी ईडी को देगा। शुरुआत में डॉक्टर भी इस बात के लिए सहमत था, लेकिन बाद में जब ठेकेदार को इसकी भनक लगी तो उसने डॉक्टर को डरा-धमकाकर विनय पर चोरी का आरोप लगवा दिया।
सीमा त्यागी का आरोप है कि सितंबर में विनय को चोरी के झूठे आरोप में जेल भेजा गया। इसके बाद विनय की पत्नी को भी धमकाया गया और उसके खिलाफ लक्सर और पुरकाजी में झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए। इतना ही नहीं, देहरादून जेल से रुड़की जेल शिफ्ट करने के लिए भी फर्जी कागजात तैयार किए गए, जबकि परिजनों की ओर से जेल शिफ्टिंग को लेकर कोई आवेदन नहीं दिया गया था। उन्होंने कहा कि दो दिन बाद लक्सर में एक छोटे मुकदमे में पेशी के दौरान भी सुरक्षा में भारी लापरवाही बरती गई और इसी दौरान विनय को रास्ते से हटाने के लिए हमला कर दिया गया।
वहीं, इस मामले में एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि विनय त्यागी सितंबर 2025 में नेहरू कॉलोनी स्थित अपने डॉक्टर मित्र के घर पर रह रहा था। 15 सितंबर को उसी डॉक्टर मित्र ने विनय त्यागी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था कि विनय ने उसकी कार से कैश और ज्वेलरी से भरा बैग चोरी किया है। पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और 29 सितंबर को विनय त्यागी को बैग के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।
फिलहाल, विनय त्यागी की मौत के बाद लगाए गए गंभीर आरोपों ने पूरे मामले को और पेचीदा बना दिया है। परिजनों की मांग है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।







