नैनीताल जिले के रामनगर कोतवाली क्षेत्र में महिला के साथ मारपीट, धमकी और हथियार दिखाकर डराने के गंभीर आरोपों के मामले में अदालत के निर्देश के बाद पुलिस हरकत में आ गई है। कोतवाली रामनगर पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ता नदीम अख्तर और उनके भाइयों शैफुल्ला व फईम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई पीड़िता निशा खान की शिकायत के आधार पर की गई है।
पीड़िता निशा खान के अनुसार, 24 फरवरी की शाम वह अपने पति के साथ स्कूटी से खताड़ी क्षेत्र की ओर जा रही थीं। इसी दौरान एक स्विफ्ट कार चालक शैफुल्ला ने कथित तौर पर लापरवाही से वाहन चलाते हुए उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी, जिससे दोनों सड़क पर गिर गए। आरोप है कि हादसे के बाद विरोध करने पर शैफुल्ला ने अपने भाई नदीम अख्तर और फईम समेत अन्य लोगों को मौके पर बुला लिया।
निशा खान का आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने उनके पति के साथ मारपीट की। पीड़िता के मुताबिक, नदीम अख्तर ने पिस्टल निकालकर उनके पति के सिर पर तान दी और जान से मारने की धमकी दी। जब उन्होंने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो उनके साथ भी अभद्रता की गई। पीड़िता का यह भी कहना है कि घटना के बाद वह शिकायत लेकर कोतवाली रामनगर पहुंचीं, लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने पुलिस को मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच के आदेश दिए। अदालत के निर्देश पर अब कोतवाली रामनगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की जा रही है तथा सभी तथ्यों और पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा।
वहीं दूसरी ओर, भाजपा कार्यकर्ता नदीम अख्तर ने अपने और अपने भाइयों पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि राजनीतिक और व्यक्तिगत रंजिश के चलते उन्हें साजिश के तहत झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।







