देर रात अल्मोड़ा वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाले सल्ट विधानसभा क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब जंगल में भीषण आग भड़क उठी. हैरान करने वाली बात यह रही कि सर्दी के मौसम में, जब आमतौर पर जंगलों में नमी बनी रहती है, उसी दौरान जंगल धू-धू कर जलते नजर आए. यह आग मछोड़ और टोटाम गांव के बीच स्थित गोदी गांव के जंगल में लगी.
आग इतनी भयावह थी कि भतरौंजखान–रामनगर मार्ग से भी आग की लपटें और घना धुआं साफ तौर पर दिखाई दे रहा था. आग तेजी से फैलती चली गई, जिससे वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है. आग की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी.
सल्ट क्षेत्र में देर रात जंगल में लगी भीषण आग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग देर रात अचानक भड़क उठी और कुछ ही समय में उसने विकराल रूप ले लिया. दुर्गम पहाड़ी इलाका होने के कारण आग पर काबू पाना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ. आग की तेज लपटों ने आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया.
कड़ी मशक्कत के बाद बुझी आग
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत रेस्क्यू व अग्निशमन कार्य शुरू किया गया. रात का समय और पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण आग बुझाने में वन कर्मियों को भारी मशक्कत करनी पड़ी. कई घंटों की लगातार कोशिशों के बाद आखिरकार आग पर काबू पाया जा सका.
आग से एक हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र प्रभावित
स्थानीय ग्रामीण मनोज बेलवाल ने बताया कि इस आग की चपेट में लगभग एक हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र आ चुका है. आग के चलते आसपास के ग्रामीणों में भी भय का माहौल बना रहा. हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है.
आग लगने के कारणों की जांच
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है. प्रथम दृष्टया मानवीय लापरवाही या अन्य कारणों से आग लगने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है. अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि जंगलों में आग से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें.
वनाग्नि के बाद बढ़ाई गई निगरानी
फिलहाल आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन क्षेत्र में सतर्कता और निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि दोबारा आग न भड़के. यह घटना एक बार फिर जंगलों की सुरक्षा, सतर्कता और समय रहते कार्रवाई की आवश्यकता को उजागर करती है.







