हरिद्वार: महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ज्ञापन देने के लिए हरिद्वार आ रहे थे, लेकिन उन्हें जबरन बॉर्डर पर रोक दिया गया, जो पूरी तरह गलत और अलोकतांत्रिक है।
ज्योति रौतेला ने कहा कि बीते दिनों किसान सुखवंत सिंह ने पुलिस प्रताड़ना से आहत होकर आत्महत्या की थी। इस मामले में केवल पुलिस के निचले स्तर के अधिकारियों पर ही कार्रवाई की गई, जबकि उच्च अधिकारियों को बचाया जा रहा है और उनके खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह न्याय के साथ भेदभाव है और जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने दूसरे मामले का जिक्र करते हुए कहा कि कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति से जुड़ा एक बयान सामने आया था, जिसमें महिलाओं के व्यापार की बात 20 से 25 हजार रुपये में करने का आरोप है। इस गंभीर मामले में भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ज्योति रौतेला ने मांग की कि रेखा आर्या के पति के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए।
महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि देश के गृह मंत्री अमित शाह हरिद्वार आ रहे थे और कांग्रेस इन्हीं मांगों को लेकर उन्हें ज्ञापन सौंपना चाहती थी। लेकिन पुलिस ने उन्हें बॉर्डर पर रोक दिया, जिससे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हुआ है।
कांग्रेस ने जताई नाराजगी
महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को रोके जाने पर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया है। हरिद्वार ग्रामीण कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष राजीव चौधरी ने कहा कि पुलिस ने बिना किसी ठोस कारण के महिला कांग्रेस की नेताओं को रोका। यह सरासर गलत है। उन्होंने बताया कि महिला नेता करीब ढाई घंटे तक बॉर्डर पर खड़ी रहीं।
राजीव चौधरी ने आरोप लगाया कि पुलिस उनसे लिखित में यह देने को कह रही थी कि कोई प्रदर्शन नहीं किया जाएगा, जो कि निंदनीय है। उन्होंने कहा कि पूरी कांग्रेस एकजुट है और महिला कांग्रेस की नेत्रियों के साथ मजबूती से खड़ी है।







