पौड़ी: उत्तराखंड में जंगली जानवरों के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामला पौड़ी जनपद के ढांडरी क्षेत्र से सामने आया है, जहां बाइक से जा रहे एक युवक पर अचानक भालू ने हमला कर दिया। इस हमले में युवक के हाथ, गले और सिर पर चोटें आई हैं। हालांकि युवक ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए भालू को भगाया और किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहा।
घटना के बाद घायल युवक ने शोर मचाया, जिसे सुनकर मौके से गुजर रहे स्थानीय लोग वहां पहुंचे और तत्काल उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल पौड़ी पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद युवक को भर्ती कर लिया है। चिकित्सकों के अनुसार भालू के हमले में घायल युवक की हालत फिलहाल स्थिर है और वह डॉक्टरों की निगरानी में है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार 3 फरवरी को पौड़ी के प्रेमनगर निवासी अभिषेक (उम्र 21 वर्ष) बाइक से श्रीनगर से पौड़ी की ओर जा रहा था। जैसे ही वह पौड़ी–श्रीनगर मोटर मार्ग पर ढांडरी (चंदोला राई) के पास पहुंचा, तभी झाड़ियों से निकलकर भालू ने अचानक उस पर हमला कर दिया। भालू युवक को खींचते हुए सड़क से नीचे ले गया, लेकिन अभिषेक ने हिम्मत नहीं हारी और संघर्ष करते हुए भालू को खुद से दूर करने में कामयाब रहा।
घायल युवक अभिषेक ने बताया, “मैं श्रीनगर से पौड़ी की ओर जा रहा था, तभी ढांडरी के पास भालू ने अचानक मुझ पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए मैंने हाथ-पैर चलाकर भालू को दूर करने की कोशिश की, जिसमें मैं सफल रहा। शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मुझे अस्पताल पहुंचाया गया।”
गनीमत यह रही कि भालू के हमले में युवक को गंभीर चोटें नहीं आईं। अभिषेक के सिर, हाथ और गले पर हल्की चोटें दर्ज की गई हैं। युवक का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले केवल गुलदार की गतिविधियां देखने को मिलती थीं और गुलदार के हमले भी हो चुके हैं, लेकिन अब भालू का रिहायशी इलाके में आना और लोगों पर हमला करना बेहद चिंताजनक है। इस घटना के बाद उसका परिवार भी काफी डरा हुआ है।
इधर भालू के हमले के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार ने वन विभाग पौड़ी से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और भालू को आबादी वाले इलाकों से दूर भगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और पर हमला न हो सके।
जिला अस्पताल पौड़ी के चिकित्साधिकारी डॉ. विकासदीप ने बताया, “भालू के हमले में घायल एक मरीज अस्पताल लाया गया था। उसकी हालत फिलहाल स्थिर है और उसका उपचार किया जा रहा है।”
घटना के बाद वन विभाग को भी सूचना दे दी गई है। क्षेत्र में वन विभाग की निगरानी बढ़ाने की मांग की जा रही है, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।







