देहरादून: उत्तराखंड में सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत देहरादून जिले में एक और बड़ी कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन ने विकासनगर परगना क्षेत्र के शीशम बाड़ा इलाके में सरकारी भूमि पर निर्मित एक अवैध मजार को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई को राज्य सरकार के अतिक्रमण हटाओ अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार संबंधित भूमि पर अवैध रूप से संरचना खड़ी की गई थी, जिसे लेकर लंबे समय से स्थानीय स्तर पर शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। बताया गया कि शिमला बाईपास मार्ग के निकट स्थित इस निर्माण के संबंध में क्षेत्रीय नागरिकों ने कई बार जिला प्रशासन को ज्ञापन और शिकायत पत्र सौंपे थे। शिकायतों के आधार पर प्रशासन ने मामले की जांच कराई, जिसमें संबंधित संरचना सरकारी भूमि पर पाई गई।
जांच के बाद प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए लगभग दो सप्ताह पूर्व स्थल पर नोटिस चस्पा किया था। नोटिस के माध्यम से संबंधित पक्षों को भूमि स्वामित्व और निर्माण से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए विकासनगर एसडीएम कार्यालय में उपस्थित होने का अवसर दिया गया था।
अधिकारियों के मुताबिक निर्धारित समयावधि के भीतर कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके बाद प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई को अंतिम रूप देते हुए मंगलवार को अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू की।
मंगलवार को राजस्व विभाग, पुलिस प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों की मौजूदगी में बुलडोजर की मदद से अवैध संरचना को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
विकासनगर के उपजिलाधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी आशीष चौहान की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठकों में सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमणों को चिन्हित कर हटाने के निर्देश दिए गए थे। उसी क्रम में शीशम बाड़ा क्षेत्र में स्थित इस अवैध संरचना के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता सरकारी संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराना तथा भूमि अभिलेखों के अनुरूप व्यवस्था बनाए रखना है। भविष्य में भी सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार पिछले कुछ समय से सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों और अतिक्रमणों के खिलाफ व्यापक अभियान चला रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेशभर में अब तक 588 से अधिक अवैध मजारों और अन्य अवैध संरचनाओं को सरकारी भूमि से हटाया जा चुका है।
हाल ही में मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर अतिक्रमण विरोधी अभियान को और अधिक प्रभावी एवं तेज गति से संचालित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विभिन्न जिलों में प्रशासनिक कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ चल रहे इस अभियान को लेकर प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।








