खटीमा: महाविद्यालय में 7 फरवरी को प्रस्तावित कार्निवल उत्सव में कॉलेज फंड से करीब 15 लाख रुपये खर्च किए जाने की खबर सामने आने के बाद छात्र राजनीति गरमा गई है. एनएसयूआई छात्र संगठन और कॉलेज के छात्र-छात्राओं में इस फैसले को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है. सोमवार को एनएसयूआई जिलाध्यक्ष दीपक मुंडेला के नेतृत्व में छात्रों ने महाविद्यालय परिसर में प्राचार्य का घेराव कर विरोध दर्ज कराया और खर्च को लेकर सवाल उठाए.
छात्रों का कहना है कि महाविद्यालय में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बेहद खराब है. शौचालय, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हैं, ऐसे में कॉलेज फंड की इतनी बड़ी राशि को कार्निवल जैसे कार्यक्रम पर खर्च करना अनुचित है. छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन पहले जरूरी सुविधाओं को सुधारने के बजाय दिखावटी आयोजनों पर ध्यान दे रहा है.
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष और छात्र नेता दीपक मुंडेला ने कहा कि संगठन को कार्निवल आयोजन से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन खर्च की एक सीमा होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि महाविद्यालय कार्निवल पर ढाई लाख रुपये तक खर्च करता है तो एनएसयूआई को इस पर कोई ऐतराज नहीं है, लेकिन इससे अधिक राशि खर्च की जाती है तो वह पूरी तरह नियमों, टेंडर प्रक्रिया और पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए.
दीपक मुंडेला ने बताया कि घेराव के दौरान प्राचार्य ने छात्र-छात्राओं को आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों को ध्यान में रखते हुए ही कार्निवल का आयोजन किया जाएगा. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह से कॉलेज प्रशासन की तैयारियां चल रही हैं, उससे छात्रों को भरोसा नहीं है कि उनकी बातों को गंभीरता से लिया जाएगा.
गौरतलब है कि 7 फरवरी को प्रस्तावित इस कार्निवल उत्सव में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के शामिल होने की भी संभावना जताई जा रही है. ऐसे में कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हैं, लेकिन छात्रों का कहना है कि जब तक महाविद्यालय की बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक कॉलेज फंड से भारी भरकम खर्च का फैसला सही नहीं ठहराया जा सकता.







