देहरादून: विभिन्न मांगों के निस्तारण को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने राजधानी देहरादून के पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क में एकदिवसीय धरना देकर प्रदर्शन किया. इस दौरान परिषद से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया.
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडे ने बताया कि कर्मचारियों की 18 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार की लगातार अनदेखी के चलते परिषद को धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में उन कार्मिकों को राहत देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है, जिन्हें पूरे सेवाकाल में तीन पदोन्नतियां नहीं मिल पाती हैं. ऐसे कर्मचारियों को 10, 16 और 26 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर एसीपी के तहत पदोन्नति वेतनमान दिए जाने की मांग की गई है.
अरुण पांडे ने बताया कि गोल्डन कार्ड योजना के तहत ओपीडी में जन औषधि केंद्रों से कैशलेस दवाएं उपलब्ध कराने और सुपर स्पेशलिस्ट पंजीकृत अस्पतालों में कैशलेस जांच सुविधा देने की मांग भी लंबे समय से लंबित है, लेकिन सरकार की ओर से इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. इसके अलावा जिन कर्मचारियों की कुल सेवा अवधि 10 वर्ष से अधिक हो चुकी है, उन्हें पदोन्नति में शिथिलीकरण का लाभ दिए जाने की मांग भी परिषद द्वारा उठाई गई है.
उन्होंने कहा कि राज्य कर्मचारियों को मिलने वाले वाहन भत्ते में प्रतिमाह 1200 रुपये की बढ़ोतरी की मांग को भी सरकार ने अब तक दरकिनार कर रखा है. साथ ही विभिन्न विभागों के पुनर्गठन और सेवा नियमावलियों में संशोधन से जुड़े प्रस्ताव विभाग, शासन और वेतन समिति के स्तर पर लंबित पड़े हैं. परिषद का कहना है कि इन मामलों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागीय संगठनों को विश्वास में लेकर किया जाना चाहिए.
धरना-प्रदर्शन के दौरान राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन पर ज्ञापन लेने में विलंब करने को लेकर भी नाराजगी जताई. कर्मचारियों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जमकर नारेबाजी की. काफी देर बाद जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम कुमकुम जोशी पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क पहुंचीं, जिसके बाद परिषद के पदाधिकारियों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा और धरना समाप्त किया.







