रुद्रप्रयाग: देवरियाताल से बनियाकुंड ट्रेक मार्ग पर रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब पांच पर्यटकों के रास्ता भटक जाने की सूचना जिला प्रशासन को मिली। सूचना मिलते ही जिला आपदा प्रबंधन तंत्र सक्रिय हो गया और तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। प्रशासन, एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई के चलते सभी पर्यटकों को सुरक्षित खोजकर नीचे लाया गया।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (डीईओसी) से प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार प्रातः 6 बजकर 10 मिनट पर 112 आपातकालीन सेवा के माध्यम से साहिल कुमार नामक युवक ने सूचना दी कि देवरियाताल-बनियाकुंड ट्रेक मार्ग पर पांच लोग रास्ता भटक गए हैं और उन्हें सही मार्ग नहीं मिल पा रहा है। सूचना मिलते ही जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी और डीईओसी की टीम सक्रिय हो गई तथा संबंधित पर्यटकों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, रुद्रप्रयाग द्वारा तत्काल डीडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त रेस्क्यू टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। इस दौरान प्रशासन लगातार पर्यटकों की लोकेशन और उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए था, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता पहुंचाई जा सके।
प्रातः 8 बजकर 25 मिनट पर डीईओसी ने दोबारा कॉलर से संपर्क किया। इस दौरान जानकारी मिली कि मार्ग में दो स्थानीय लोगों ने पर्यटकों की मदद की है। स्थानीय निवासी हिमांशु ने प्रशासन को बताया कि सभी पर्यटकों को सुरक्षित रूप से स्यूंकुडी क्षेत्र की ओर लाया जा रहा है। इससे राहत की स्थिति बनी, लेकिन प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान जारी रखा।
इसके बाद सुबह 9 बजकर 46 मिनट पर डीडीआरएफ के नरेंद्र सिंह ने जिला प्रशासन को सूचना दी कि डीडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं तथा सभी पांचों पर्यटक सुरक्षित मिल गए हैं। रेस्क्यू टीमों ने पर्यटकों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि समय पर सूचना मिलने, स्थानीय लोगों के सहयोग और रेस्क्यू टीमों की तत्परता के कारण सभी पर्यटकों को सुरक्षित खोज लिया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में स्थिति पूरी तरह सामान्य है और सभी लोग सुरक्षित हैं।
उन्होंने ट्रेकिंग करने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील की कि पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा के दौरान मौसम की जानकारी अवश्य लें, निर्धारित ट्रेक मार्गों का ही उपयोग करें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में मौसम और परिस्थितियां अचानक बदल सकती हैं, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।
रेस्क्यू किए गए पर्यटकों में पुरुषोत्तम चौधरी (21 वर्ष, रायपुर, छत्तीसगढ़), सचिन कुमार (23 वर्ष, मिजोरम), आलोक कुमार (22 वर्ष, दिल्ली), साहिल कुमार (22 वर्ष, पटना, बिहार) और अभिजीत कुमार (22 वर्ष, गोपालगंज, बिहार) शामिल हैं।
इस सफल रेस्क्यू अभियान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आपदा प्रबंधन तंत्र, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और स्थानीय लोगों के समन्वय से किसी भी आपात स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है। साथ ही यह घटना पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रेकिंग के दौरान सतर्कता और सुरक्षा नियमों के पालन की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।






