विकासनगर: असम के जोरहाट में हुए भारतीय वायु सेना के एएन-32 विमान हादसे में शहीद हुए उत्तराखंड के वीर सपूत स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह को शनिवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनका पार्थिव शरीर सेलाकुई स्थित उनके आवास पहुंचते ही पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया। परिजनों की चीख-पुकार और लोगों की नम आंखों ने माहौल को बेहद भावुक बना दिया। अंतिम दर्शन के बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए घाट ले जाया गया, जहां सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर हुआ था दर्दनाक हादसा
गौरतलब है कि 13 जून को असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर भारतीय वायु सेना का एएन-32 ट्रांसपोर्ट विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस भीषण हादसे में वायु सेना के पांच जांबाज जवानों ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। शहीद होने वालों में देहरादून के सेलाकुई निवासी स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह भी शामिल थे। हादसे की खबर सामने आते ही उत्तराखंड समेत पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी।
पार्थिव शरीर पहुंचते ही गमगीन हुआ माहौल
शनिवार 14 जून को स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह का पार्थिव शरीर देहरादून लाया गया। इसके बाद सेना के वाहन से उनके पार्थिव शरीर को सेलाकुई के राजावाला रोड स्थित श्रीरामपुरम कॉलोनी स्थित आवास पहुंचाया गया। जैसे ही तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर घर पहुंचा, परिजनों का दुख फूट पड़ा। माता-पिता और अन्य परिजन बिलख उठे। आसपास मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और सेना के अधिकारी पहुंचे।
डेढ़ साल पहले ही बंधे थे विवाह बंधन में
महज 32 वर्षीय प्रशांत सिंह ने करीब आठ वर्षों तक भारतीय वायु सेना में रहकर देश सेवा की। वह अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। करीब डेढ़ वर्ष पहले, 23 नवंबर 2024 को उनका विवाह हुआ था। परिवार ने उनके भविष्य को लेकर कई सपने संजोए थे, लेकिन इस हादसे ने उन सभी सपनों को एक झटके में तोड़ दिया। परिजनों के अनुसार यह उनकी दूसरी पोस्टिंग थी और वह अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन कर रहे थे।
सेना से रिटायर्ड हैं पिता
शहीद प्रशांत सिंह के पिता उमेश सिंह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं, जबकि उनकी माता बृजेश देवी गृहिणी हैं। परिवार में उनकी एक बड़ी बहन भी हैं, जिनका विवाह हो चुका है। मूल रूप से उनका परिवार उत्तर प्रदेश का निवासी है, लेकिन लंबे समय से देहरादून जिले के सेलाकुई क्षेत्र में रह रहा है। यहीं उनका स्थायी आवास भी है।
पूरे क्षेत्र में शोक की लहर
स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह की शहादत से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। हर किसी की जुबान पर बस एक ही बात थी कि देश ने अपना एक बहादुर सपूत खो दिया। उनकी शहादत को हमेशा याद रखा जाएगा और देश उनके बलिदान का ऋणी रहेगा।






