रुद्रप्रयाग: जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखंड जखोली क्षेत्र में शुक्रवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। बजीरा-जखोली मोटर मार्ग पर एक वाहन अचानक अनियंत्रित होकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसा इतना भयावह था कि वाहन के खाई में गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दुर्घटना में वाहन सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें एक महिला की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
सूचना मिलते ही शुरू हुआ रेस्क्यू अभियान
जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह 10:19 बजे पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को दुर्घटना की सूचना मिली। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया और डीडीआरएफ (DDRF) की रेस्क्यू टीम, तहसील जखोली के अधिकारी, पुलिस बल और 108 एम्बुलेंस सेवा को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
दुर्घटना स्थल की भौगोलिक परिस्थितियां बेहद चुनौतीपूर्ण थीं, क्योंकि वाहन गहरी खाई में गिरा हुआ था। इसके बावजूद राहत एवं बचाव दल ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से त्वरित कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
कठिन परिस्थितियों में बचाई गई तीनों की जान
चौकी जखोली से प्राप्त जानकारी के अनुसार रेस्क्यू टीम ने जोखिम भरे हालात के बीच खाई में उतरकर तीनों घायलों तक पहुंच बनाई। प्राथमिक उपचार देने के बाद सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जखोली पहुंचाया गया।
अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में घायलों का उपचार जारी है। गंभीर रूप से घायल महिला की स्थिति पर विशेष नजर रखी जा रही है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि सूचना मिलते ही सभी संबंधित विभागों को सक्रिय किया गया और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से सफल रेस्क्यू अभियान चलाया गया।
ये लोग हुए घायल
दुर्घटना में घायल लोगों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- राजीव कुमार (46 वर्ष) पुत्र मोहन लाल, निवासी ललूड़ी जखोली (वाहन चालक)
- गजेन्द्र (40 वर्ष) पुत्र विक्रम सिंह, निवासी काण्डई मयाली
- छुम्मा देवी (55 वर्ष) पत्नी धनी राम, निवासी ऐकलिंग बुढना
इनमें छुम्मा देवी को गंभीर चोटें आई हैं और उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
ग्रामीणों की तत्परता से टली बड़ी जनहानि
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरा। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण सबसे पहले मौके पर पहुंचे और प्रशासन के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए।
ग्रामीणों की तत्परता और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते सभी घायलों को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सका, जिससे संभावित बड़ी जनहानि टल गई।
हादसे के कारणों की जांच जारी
फिलहाल पुलिस और प्रशासन दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच में जुटे हुए हैं। प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने को हादसे का कारण माना जा रहा है, हालांकि वाहन में किसी तकनीकी खराबी या अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से पर्वतीय मार्गों पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।






