देहरादून: 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में देहरादून में आयोजित ‘रन फॉर योग’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने योग को स्वस्थ जीवन, सकारात्मक सोच और अनुशासित समाज की आधारशिला बताते हुए युवाओं से इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
शुक्रवार को पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, विद्यार्थी, पुलिसकर्मी, प्रशासनिक अधिकारी और आम नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य योग के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
योग केवल व्यायाम नहीं, जीवन जीने की कला: मुख्यमंत्री
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन को संतुलित, अनुशासित और सकारात्मक बनाने की एक वैज्ञानिक एवं जीवनोपयोगी पद्धति है। योग शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करता है तथा व्यक्ति को स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन जीने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में तनाव, अवसाद और विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे दौर में योग एक प्रभावी समाधान के रूप में सामने आया है, जो मानसिक और शारीरिक दोनों स्तरों पर व्यक्ति को सशक्त बनाता है।
योग और आध्यात्मिकता की भूमि है उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पहचान सदियों से योग, आध्यात्मिक साधना और ऋषि-मुनियों की तपस्थली के रूप में रही है। हिमालय की गोद में बसे उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत और प्राकृतिक वातावरण विश्वभर के लोगों को स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मक जीवन का संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और उत्तराखंड को योग एवं वेलनेस के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों की सराहना
मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व के कारण योग को वैश्विक पहचान मिली है। वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव को अभूतपूर्व समर्थन मिला, जिसके बाद 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता प्राप्त हुई।
उन्होंने कहा कि आज दुनिया के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं और भारत की इस प्राचीन परंपरा को अपनाकर स्वस्थ जीवन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
युवाओं की भागीदारी से बनेगा जनआंदोलन
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल स्वास्थ्य सुधार का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का भी एक प्रभावी साधन है। उन्होंने युवाओं से नियमित योग और व्यायाम को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आग्रह करते हुए कहा कि स्वस्थ, ऊर्जावान और अनुशासित युवा ही किसी भी राज्य और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव होते हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से योग को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
योग और वेलनेस हब के रूप में विकसित होगा उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को योग, आयुर्वेद, वेलनेस और प्राकृतिक चिकित्सा के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। राज्य की नई योग नीति के माध्यम से योग एवं ध्यान केंद्रों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इसके साथ ही योग प्रशिक्षकों को सहयोग प्रदान करने, योग एवं वेलनेस आधारित रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए रास्ते खोलने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से न केवल स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आएगा, बल्कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।
योग को बनाएं जीवन का अभिन्न हिस्सा
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नियमित योग अभ्यास से स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक सोच का विकास होता है, जो एक सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।






