अल्मोड़ा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अल्मोड़ा दौरे के दौरान दन्या बाजार में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले के सामने पहुंचकर काले झंडे दिखाए और सरकार विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी। अचानक हुए इस विरोध प्रदर्शन से पुलिस प्रशासन और खुफिया तंत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर दन्या थाने भेजा गया।
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री धामी का काफिला जैसे ही दन्या बाजार पहुंचा, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता हाथों में काले झंडे लेकर सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के वाहन के सामने पहुंचकर सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए और विभिन्न जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को उठाया। इस दौरान बाजार क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया।
विरोध प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी और भाजपा कार्यकर्ता सक्रिय हो गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी करते रहे। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया।
युवा कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उनका यह विरोध प्रदर्शन राज्य सरकार की नीतियों और कई महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों को लेकर था। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसके अलावा प्रदेश में सामने आए पेपर लीक मामलों, बढ़ती बेरोजगारी, महिला सुरक्षा और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया।
हालांकि पुलिस ने स्थिति को जल्द ही नियंत्रण में ले लिया और किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोक दिया। लेकिन इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन ने क्षेत्र के राजनीतिक माहौल को भी गर्मा दिया है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर चंपावत जिले के बनबसा में आयोजित कार्यक्रम में लोगों के साथ योगाभ्यास किया था। इसके बाद वह अल्मोड़ा जिले के दन्या क्षेत्र में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों और जनसभाओं में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले के सामने विरोध प्रदर्शन कर राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी।






