हरिद्वार: आगामी कांवड़ यात्रा और कुंभ मेले की तैयारियों के बीच हरिद्वार प्रशासन ने रेलवे की भूमि पर वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 10 बीघा जमीन को कब्जामुक्त करा लिया। मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट हरि गिरी के नेतृत्व में रेलवे, जिला प्रशासन, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर 50 से अधिक अवैध झुग्गी-झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया।
कार्रवाई के दौरान कुछ अतिक्रमणकारियों ने विरोध भी किया और अधिकारियों के साथ हल्की नोकझोंक हुई, लेकिन भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अभियान शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया गया। इस दौरान बुलडोजर से झुग्गियों को हटाया गया और पूरी भूमि को खाली कराया गया।
पहले दिए गए थे नोटिस
जानकारी के अनुसार रेलवे लाइन के निकट स्थित करीब 10 बीघा भूमि पर लंबे समय से 50 से अधिक झुग्गी-झोपड़ियां बनी हुई थीं। प्रशासन और रेलवे विभाग की ओर से पूर्व में अतिक्रमणकारियों को कई बार नोटिस जारी कर भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए थे।
मंगलवार सुबह करीब 10 बजे संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई शुरू करने से पहले झुग्गियों में रहने वाले लोगों को अपना सामान हटाने के लिए दो घंटे का अतिरिक्त समय भी दिया गया। निर्धारित समय समाप्त होने के बाद जेसीबी मशीनों की मदद से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।
झुग्गियों में मिले बिजली कनेक्शन और घरेलू सामान
अभियान के दौरान अधिकारियों को झुग्गियों के अंदर बिजली की तारें, कूलर, पंखे और अन्य घरेलू उपयोग का सामान मिला। इससे यह संकेत मिला कि वहां लंबे समय से लोग रह रहे थे।
स्थानीय लोगों ने दावा किया कि वे कई वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं और उनके वोटर कार्ड भी बने हुए हैं। हालांकि, जब अधिकारियों ने उनसे दस्तावेज दिखाने को कहा तो अधिकांश लोगों ने कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।
झुग्गी गिरने से बाल-बाल बचे कर्मचारी
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बताया गया कि जेसीबी मशीन द्वारा एक झुग्गी को हटाते समय पूरी संरचना अचानक भरभराकर गिर गई, जिसके नीचे तीन से चार पुलिसकर्मी और रेलवे कर्मचारी दब गए।
गनीमत रही कि झुग्गियां बांस और हल्के निर्माण सामग्री से बनी थीं, जिसके कारण किसी को गंभीर चोट नहीं आई। मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने तुरंत उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
भारी पुलिस बल रहा तैनात
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए रानीपुर, कनखल और ज्वालापुर कोतवाली की पुलिस के साथ आरपीएफ के जवान भी मौके पर तैनात रहे। अधिकारियों ने पूरे अभियान को सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्वक संपन्न कराया।
कांवड़ और कुंभ को देखते हुए जारी रहेगा अभियान
सिटी मजिस्ट्रेट हरि गिरी ने बताया कि कांवड़ यात्रा और आगामी कुंभ मेले की तैयारियों के तहत शहर में अतिक्रमण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा,
“कांवड़ और कुंभ मेले से पहले अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। टीबड़ी क्षेत्र में रेलवे की भूमि को कब्जामुक्त कराने के लिए पूर्व में नोटिस दिए गए थे। रेलवे प्रशासन के साथ मिलकर नियमानुसार कार्रवाई की गई है।”
उन्होंने आगे कहा,
“संबंधित लोगों को पहले ही नोटिस देकर भूमि खाली करने का पर्याप्त अवसर दिया गया था, लेकिन फिर भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इसलिए पुलिस बल को साथ लेकर जेसीबी से झुग्गी-झोपड़ियों को हटाने की कार्रवाई की गई है। आगे भी शहर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।”
प्रशासन का कहना है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान यातायात, सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए शहर में चिन्हित अतिक्रमणों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।






