हरिद्वार: भेल क्षेत्र में बुधवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब छात्राओं से भरी एक निजी कॉलेज की बस के सीएनजी सिलेंडर से अचानक गैस रिसाव शुरू हो गया। घटना एचआरडीसी कार्यालय के पास की है। बस में सवार करीब 22 नर्सिंग छात्राओं को चालक की सूझबूझ के चलते समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार निजी कॉलेज की बस नर्सिंग छात्राओं को कॉलेज से उनके घरों तक छोड़ने जा रही थी। इसी दौरान भेल क्षेत्र में एचआरडीसी कार्यालय के निकट बस चालक को सीएनजी गैस लीक होने का आभास हुआ। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए चालक ने तत्काल बस को सड़क किनारे रोक दिया और सभी छात्राओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
गैस रिसाव से मचा हड़कंप
बस से गैस रिसाव की सूचना मिलते ही मौके पर हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों को तत्काल घटनास्थल पर बुलाया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करीब एक घंटे तक सिलेंडर से गैस निकलती रही, जिससे आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल बना रहा। संभावित खतरे को देखते हुए पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और सड़क पर यातायात को अस्थायी रूप से रोकते हुए रूट डायवर्ट कर दिया।
फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने तत्काल राहत एवं सुरक्षा कार्य शुरू किया। फायर कर्मियों ने लगातार पानी की बौछार कर बस के इंजन और गैस रिसाव वाले हिस्से को ठंडा रखने का प्रयास किया, ताकि किसी प्रकार की चिंगारी या विस्फोट की स्थिति उत्पन्न न हो।
फायर ब्रिगेड और पुलिस की सतर्कता के चलते स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।
मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी
घटना की जानकारी मिलते ही एसपी क्राइम निशा यादव और सीओ सदर एसपी बलूनी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
एसपी क्राइम निशा यादव ने बताया कि बस के सीएनजी सिलेंडर से गैस रिसाव होने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों को मौके पर भेजा गया था।
“बस के सीएनजी सिलेंडर से गैस रिसाव होने की सूचना पर तत्काल स्थानीय थाने की पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर भेजा गया। सभी लोगों को सुरक्षित बस से उतार लिया गया और क्षेत्र की घेराबंदी कर यातायात को डायवर्ट किया गया। स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया है और किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है।”
– निशा यादव, एसपी क्राइम
चालक की सतर्कता से बची छात्राओं की जान
स्थानीय लोगों और अधिकारियों ने बस चालक की सूझबूझ की सराहना की है। यदि चालक समय रहते गैस रिसाव को नहीं पहचानता और बस को खाली नहीं कराता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। बस में करीब 22 छात्राएं सवार थीं, जो सभी सुरक्षित हैं।
बस की फिटनेस पर उठे सवाल
घटना के बाद बस की फिटनेस और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि वाहन का नियमित निरीक्षण और तकनीकी जांच समय-समय पर की जाती, तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था।
हालांकि प्रशासन और परिवहन विभाग की ओर से अभी तक बस की तकनीकी स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। संभावना जताई जा रही है कि मामले की जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि गैस रिसाव किस कारण हुआ।
समय रहते टला बड़ा खतरा
गनीमत रही कि पुलिस, फायर ब्रिगेड और बस चालक की तत्परता से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन वाहनों की सुरक्षा और फिटनेस जांच की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।
फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है और संबंधित विभाग घटना के कारणों की जांच में जुटे हुए हैं।






