चमोली: उत्तराखंड की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। इसी कड़ी में चमोली जिले के पोखरी विकासखंड के किमोठा गांव की बेटी मुन्नी देवी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत और उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आयोजित वर्ल्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026 में मुन्नी देवी ने दो स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे चमोली जिले सहित प्रदेशभर में खुशी और गर्व का माहौल है।
70 किलोग्राम वर्ग में जीते दो स्वर्ण पदक
33 वर्षीय मुन्नी देवी ने प्रतियोगिता के 70 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लेते हुए पुल पावरलिफ्टिंग और बेंच प्रेस स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया। अपने दमदार खेल कौशल के बल पर उन्होंने दोनों प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक हासिल कर भारत का तिरंगा अंतरराष्ट्रीय मंच पर लहराया।
इस विश्वस्तरीय प्रतियोगिता में पाकिस्तान, थाईलैंड समेत 18 देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया था, लेकिन मुन्नी देवी ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से सभी प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए दो गोल्ड मेडल अपने नाम किए।
संघर्ष और मेहनत से तय किया सफलता का सफर
मुन्नी देवी की सफलता के पीछे वर्षों की कड़ी मेहनत, समर्पण और संघर्ष छिपा है। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कभी अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। लगातार अभ्यास और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है।
यह पहली बार नहीं है जब मुन्नी देवी ने देश का गौरव बढ़ाया हो। इससे पहले भी वह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में तीन बार स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। अब विश्व चैंपियनशिप में दो गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने अपने खेल करियर में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है।
पहाड़ की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा
मुन्नी देवी की यह उपलब्धि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकते।
उनकी सफलता यह संदेश देती है कि पहाड़ की प्रतिभाएं अवसर मिलने पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी क्षमता का लोहा मनवा सकती हैं।
जनपद में खुशी की लहर
मुन्नी देवी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खेल प्रेमियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई दी है। लोगों का कहना है कि उनकी सफलता से उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं को नई पहचान मिली है और आने वाली पीढ़ी को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई है कि सरकार और खेल विभाग ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और प्रोत्साहन प्रदान करेंगे, ताकि वे भविष्य में भी देश के लिए इसी तरह गौरव हासिल करते रहें।
उत्तराखंड और भारत का बढ़ाया मान
बैंकॉक में दो स्वर्ण पदक जीतकर मुन्नी देवी ने न केवल चमोली और उत्तराखंड का बल्कि पूरे भारत का गौरव बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश की महिला शक्ति, खेल प्रतिभा और दृढ़ संकल्प का उत्कृष्ट उदाहरण है।
आज पूरा उत्तराखंड अपनी इस होनहार बेटी की सफलता पर गर्व महसूस कर रहा है। मुन्नी देवी की यह जीत आने वाले समय में हजारों युवाओं और विशेष रूप से बेटियों को अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा देती रहेगी।






