विकासनगर: नगरासू गुरुद्वारा और कर्णप्रयाग विवाद के बाद निहंग सिखों द्वारा किए गए उत्तराखंड कूच के ऐलान को लेकर बुधवार को हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। बड़ी संख्या में निहंग सिख हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब से कुल्हाल बॉर्डर के रास्ते उत्तराखंड में प्रवेश करने पहुंचे, लेकिन उत्तराखंड पुलिस ने उन्हें सीमा पर ही रोक दिया। सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के चलते किसी भी समूह को उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया गया।
कुल्हाल बॉर्डर पर रोके गए निहंग सिख
जानकारी के अनुसार, करीब 300 से अधिक निहंग सिख उत्तराखंड कूच के लिए हिमाचल सीमा तक पहुंचे थे। हालांकि, पहले से अलर्ट उत्तराखंड पुलिस और प्रशासन ने उन्हें कुल्हाल बॉर्डर पर ही रोक लिया। इसके बाद सभी निहंगों को वापस पांवटा साहिब गुरुद्वारे भेज दिया गया, जहां उत्तराखंड पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से उनसे वार्ता की जा रही है।
विकासनगर के सीओ विवेक सिंह कुटियाल ने बताया कि कुल्हाल बॉर्डर पर हिमाचल और उत्तराखंड प्रशासन के अधिकारियों के बीच लगातार संवाद चल रहा है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शांति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
सीमा पर हाई अलर्ट, भारी पुलिस बल तैनात
निहंग सिखों के प्रस्तावित कर्णप्रयाग कूच को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस ने 24 जून की शाम से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। कुल्हाल बॉर्डर समेत उत्तराखंड-हिमाचल सीमा के संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस बल और आईटीबीपी के जवानों की तैनाती की गई है। सीमा क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और आने-जाने वाले प्रत्येक वाहन तथा व्यक्ति की सघन जांच की जा रही है।
इसके अलावा विकासनगर, डाकपत्थर और आसपास के क्षेत्रों में भी पुलिस की अतिरिक्त निगरानी जारी है। वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौके पर मौजूद रहकर सुरक्षा प्रबंधों की निगरानी कर रहे हैं।
16 जून की घटना से जुड़ा है पूरा विवाद
दरअसल, यह पूरा मामला 16 जून को चमोली जिले के कर्णप्रयाग में हुई एक घटना के बाद शुरू हुआ था। हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे कुछ निहंग श्रद्धालुओं और स्थानीय युवाओं के बीच विवाद हो गया था, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गया। घटना में कई लोग घायल हुए थे।
आरोप है कि झड़प के दौरान कुछ निहंग श्रद्धालुओं ने तलवारों से हमला किया था। मामले में कर्णप्रयाग पुलिस ने तीन निहंगों को गिरफ्तार भी किया था। इसी गिरफ्तारी के विरोध में निहंग संगठनों ने 25 जून को कर्णप्रयाग कूच का ऐलान किया था।
बातचीत के जरिए समाधान की कोशिश
उत्तराखंड पुलिस फिलहाल पूरे मामले को संवाद और आपसी सहमति के जरिए सुलझाने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों की ओर से निहंग सिख प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने और प्रस्तावित कार्यक्रम को स्थगित करने पर चर्चा की जा रही है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। किसी भी व्यक्ति या समूह को बिना अनुमति राज्य की सीमा में प्रवेश कर शांति व्यवस्था प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
फिलहाल कुल्हाल बॉर्डर से लेकर पांवटा साहिब तक सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने आम लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है।






