देहरादून: नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रेमनगर थाना पुलिस ने केरल के दो छात्रों को 8.73 ग्राम अवैध MDMA के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी निजी शिक्षण संस्थान में पढ़ते हैं और महंगे शौक पूरे करने के लिए नशे की तस्करी में शामिल हुए थे। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पौंधा के पास चेकिंग में पकड़े गए दोनों आरोपी
देहरादून पुलिस के मुताबिक, एसएसपी के निर्देश पर ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान और ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 30 सितंबर को प्रेमनगर थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर पौंधा के पास चेकिंग अभियान चलाया।
इस दौरान पुलिस ने केरल के मलप्पुरम निवासी दो युवकों को गिरफ्तार किया, जो वर्तमान में प्रेमनगर के ठाकुरपुर रोड क्षेत्र में रह रहे थे। दोनों की उम्र 22 और 25 वर्ष बताई गई है।
तलाशी के दौरान एक आरोपी के कब्जे से 4 ग्राम और दूसरे के कब्जे से 4.73 ग्राम MDMA बरामद हुई। दोनों के खिलाफ थाना प्रेमनगर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
छात्रों को महंगे दामों पर ड्रग बेचने की तैयारी का आरोप
थाना प्रभारी प्रेमनगर गिरीश नेगी के मुताबिक, दोनों आरोपी निजी शिक्षण संस्थान में पढ़ते हैं। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों कथित तौर पर MDMA को सस्ते दामों पर खरीदकर लाए थे और शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को महंगे दामों पर बेचकर मुनाफा कमाने का इरादा रखते थे।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान अन्य नशा तस्करों के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। इनके संबंध में भी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
गौरतलब है कि करीब एक सप्ताह पहले राजपुर थाना पुलिस ने भी MDMA के साथ छह छात्रों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी दिल्ली के सिद्धार्थ उर्फ सिद्धू गैंग से ड्रग खरीदकर छात्रों को बेचते थे।
पिथौरागढ़ में म्यूल अकाउंट गैंग पर कार्रवाई, दो और आरोपी गिरफ्तार
पिथौरागढ़: साइबर ठगी की रकम को बैंक खातों के जरिए इधर-उधर पहुंचाने वाले कथित म्यूल अकाउंट गैंग के खिलाफ साइबर सेल पिथौरागढ़ और बेरीनाग पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस जांच में चार बैंक खातों में 3.03 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध धनराशि के लेनदेन का पता चला है।
ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए बैंक खातों के इस्तेमाल का आरोप
पुलिस के मुताबिक, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की जांच के दौरान कुछ ऐसे बैंक खातों का पता चला, जिनका कथित तौर पर साइबर अपराधियों की ठगी की रकम को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करने और रकम के वास्तविक स्रोत को छिपाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार गंगवार के नेतृत्व में मामले की जांच की गई। जांच के दौरान प्रवीण कुमार निवासी हल्द्वानी के बैंक खाते में 27 लाख 80 हजार 944 रुपये और कविंद्र कुमार निवासी नैनीताल के बैंक खाते में 1 करोड़ 58 लाख 61 हजार 948 रुपये की संदिग्ध धनराशि क्रेडिट होने की जानकारी सामने आई।
दोनों आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए
पुलिस ने दोनों 24 वर्षीय आरोपियों को बेरीनाग क्षेत्र से गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ कोतवाली बेरीनाग में धारा 318(4)/61(2) बीएनएस और धारा 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले में बैंक खातों में हुए संदिग्ध लेनदेन और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।







