पंचकूला/देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी अशोक कुमार को हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के कुलपति पद से इस्तीफा देना होगा। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में उनकी नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें तीन सप्ताह के भीतर इस्तीफा पेश करने का आदेश दिया है। इसी के साथ नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका का निस्तारण कर दिया गया।
नियुक्ति को हाईकोर्ट में दी गई थी चुनौती
रिटायरमेंट के बाद अशोक कुमार को फरवरी 2024 में हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का कुलपति नियुक्त किया गया था। इसके बाद डॉ. डीएस मोर उर्फ देवेंद्र सिंह मोर और एक अन्य याचिकाकर्ता ने उनकी नियुक्ति को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
याचिका में अशोक कुमार की कुलपति पद पर नियुक्ति को गैरकानूनी बताते हुए कई आधार रखे गए थे। इसके साथ ही कुलपति के वेतन निर्धारण से जुड़े पत्र को भी चुनौती दी गई थी।
तीन सप्ताह में इस्तीफा देने का आदेश
मामले की सुनवाई के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अशोक कुमार को तीन सप्ताह के भीतर कुलपति पद से इस्तीफा देने का आदेश दिया। कोर्ट ने राज्य सरकार को भी इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, कुलपति का इस्तीफा होने के बाद वरिष्ठ डीन को अंतरिम तौर पर कुलपति के कर्तव्यों का पालन करने के लिए कहा गया है। साथ ही इस मामले में चल रही कार्रवाई को 31 अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
UGC के 2018 नियमों के पालन पर जोर
हाईकोर्ट ने कहा कि हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के कुलपति की नियुक्ति में यूजीसी के 2018 के नियमों का पालन किया जाना अनिवार्य है।
कोर्ट ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2026 के डॉ. एस. मोहन बनाम सेक्रेटरी टू द चांसलर, पुडुचेरी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी एवं एक अन्य मामले में दिए गए फैसले को भी ध्यान में रखने के निर्देश दिए हैं।
अशोक कुमार ने कहा- पारिवारिक कारणों से खुद पद छोड़ने का मन बनाया था
वहीं, हाईकोर्ट के आदेश के बाद पूर्व डीजीपी अशोक कुमार का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पारिवारिक कारणों से खुद ही पद छोड़ने का मन बना लिया था और अब परिवार को समय देना चाहते हैं।
अशोक कुमार के मुताबिक, उन्होंने इस संबंध में सरकार को भी जानकारी दे दी थी। उन्होंने बताया कि उनका कार्यकाल दिसंबर 2025 तक था।
कौन हैं अशोक कुमार?
अशोक कुमार का जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और दिल्ली से ही थर्मल इंजीनियरिंग में एमटेक की पढ़ाई की।
उन्होंने संयुक्त उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में पुलिस विभाग के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। उनके कार्यकाल में ASP, SP, DIG, IG, ADG और DG Law & Order/CID समेत कई जिम्मेदारियां शामिल रहीं।
अशोक कुमार संयुक्त राष्ट्र मिशन कोसोवो, CRPF और BSF में भी प्रतिनियुक्ति पर रहे। वह नवंबर 2020 से नवंबर 2023 तक उत्तराखंड के डीजीपी रहे।
उत्तराखंड में अपने कार्यकाल के दौरान कोविड प्रबंधन, चारधाम यात्रा, कांवड़ और महाकुंभ समेत कई महत्वपूर्ण अभियानों में उनकी भूमिका रही। ऑपरेशन प्रहार, ऑपरेशन स्माइल, ऑपरेशन मर्यादा और ड्रग्स फ्री देवभूमि जैसे अभियान भी उनके कार्यकाल से जुड़े रहे।
उन्हें वर्ष 2006 में पुलिस मेडल, वर्ष 2013 में प्रेसिडेंट्स पुलिस मेडल और यूएन मेडल से सम्मानित किया गया है। रिटायरमेंट के बाद फरवरी 2024 में उन्हें हरियाणा खेल विश्वविद्यालय का कुलपति बनाया गया था।







