नैनीताल: सरोवर नगरी नैनीताल में इन दिनों व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कमी और बढ़ती कीमतों ने होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। गैस संकट के चलते अधिकांश रेस्टोरेंट संचालकों ने खाने-पीने की वस्तुओं के दामों में करीब 15 से 20 फीसदी तक बढ़ोतरी कर दी है, जिसका असर स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों की जेब पर भी साफ दिख रहा है।
संचालकों पर बढ़ा लागत का दबाव
रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि गैस सिलेंडर महंगे होने के साथ-साथ पैकिंग मैटेरियल और अन्य जरूरी सामानों की कीमतें भी बढ़ गई हैं, जिससे कुल लागत में इजाफा हुआ है। ऐसे में कारोबार को चलाने के लिए दाम बढ़ाना मजबूरी बन गया है।
रेस्टोरेंट संचालक रुचिर के अनुसार, फिलहाल कारोबार पूरी तरह प्रभावित नहीं हुआ है, लेकिन महंगाई का असर अब साफ नजर आने लगा है।
वहीं, रेस्टोरेंट व्यवसायी विश्वजीत टंडन ने बताया कि गैस आपूर्ति अनियमित हो गई है। पहले जहां रोजाना एक सिलेंडर की खपत होती थी, अब महीने में मुश्किल से दो सिलेंडर मिल रहे हैं। हाल ही में उन्हें केवल एक ही सिलेंडर मिला, जिससे संचालन प्रभावित हो रहा है।
वैकल्पिक ईंधन से बढ़ रही लागत
गैस की कमी के चलते कई संचालकों को वैकल्पिक ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है, जो अधिक महंगा साबित हो रहा है। इससे मुनाफा घट रहा है और कारोबार पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। संचालकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द आपूर्ति व्यवस्था नहीं सुधरी, तो कीमतों में और बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है।
पर्यटकों की जेब पर बढ़ा बोझ
पर्यटन सीजन के बीच बढ़े दामों ने पर्यटकों को भी परेशान कर दिया है। दिल्ली से नैनीताल घूमने आई पर्यटक प्रियंका का कहना है कि इस बार खाने-पीने की चीजें पहले से काफी महंगी हो गई हैं, जिससे उनका बजट बिगड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले से ही यात्रा और ठहरने का खर्च अधिक होता है, ऐसे में खाने के बढ़े दाम अतिरिक्त बोझ बन रहे हैं।
स्थानीय लोग भी परेशान
महंगाई का असर स्थानीय ग्राहकों पर भी पड़ रहा है। उनका कहना है कि रोजमर्रा के खर्च पहले ही बढ़ चुके हैं, ऐसे में बाहर खाना अब महंगा विकल्प बनता जा रहा है।
प्रशासन ने दिया आश्वासन
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गैस संकट लंबे समय तक बना रहा, तो नैनीताल के पर्यटन कारोबार पर इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है।
वहीं, प्रशासन ने स्थिति सुधारने का भरोसा दिलाया है। अपर जिलाधिकारी विवेक राय ने कहा कि गैस आपूर्ति को सुचारू बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही हालात सामान्य होने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि पर्यटन सीजन के बीच यह गैस संकट स्थानीय व्यापारियों और पर्यटकों दोनों के लिए चुनौती बनता जा रहा है।






