उत्तराखंड के चंपावत जिले में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एसओजी और वन विभाग की टीम ने एक आरोपी को गुलदार की खाल के साथ गिरफ्तार किया है। वर्ष 2026 में यह दूसरी बड़ी बरामदगी मानी जा रही है, जिससे इलाके में सक्रिय तस्करी नेटवर्क पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान के तहत एसओजी, रीठा साहिब थाना पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया। यह गिरफ्तारी रीठा साहिब में पुराने थाना बैरियर के पास चेकिंग के दौरान की गई।
स्कूटी से ले जा रहा था खाल, मौके पर दबोचा गया
पुलिस ने आरोपी दीपक सिंह बोहरा को उस समय गिरफ्तार किया, जब वह स्कूटी से गुलदार की खाल लेकर लोहाघाट की ओर जा रहा था। तलाशी के दौरान करीब 2 मीटर लंबी गुलदार की खाल बरामद की गई। इसके अलावा आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन, 200 रुपये नकद और एक स्कूटी भी जब्त की गई।
फंदा लगाकर किया शिकार, जंगल में छिपाईं हड्डियां
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने गुलदार को फंदा लगाकर मारा और उसकी हड्डियों को जंगल में छिपा दिया। पुलिस को आरोपी के मोबाइल फोन से भी शिकार से जुड़े अहम सबूत मिले हैं, जिससे तस्करी के नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस और वन विभाग की टीम अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने बताया कि यह कार्रवाई वन्यजीव अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि आरोपी से पूछताछ कर उसके नेटवर्क को खंगाला जा रहा है और इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।
जनता से सहयोग की अपील
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी वन्यजीव तस्करी या संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत 112 पर सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
इस कार्रवाई से साफ है कि प्रशासन वन्यजीव संरक्षण को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है और तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा।






