उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए परिवहन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। हल्द्वानी स्थित आरटीओ कार्यालय की ओर से साफ कर दिया गया है कि अब चारधाम यात्रा पर जाने वाले सभी व्यावसायिक वाहनों के लिए ‘ग्रीन कार्ड’ अनिवार्य होगा। बिना ग्रीन कार्ड किसी भी वाहन को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
परिवहन विभाग अलर्ट मोड में
हर साल लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा में शामिल होते हैं। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस बार सख्त नियम लागू किए गए हैं। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल वही वाहन यात्रा मार्ग पर चल सकेंगे, जो निर्धारित मानकों पर खरे उतरेंगे।
अब तक 100 से अधिक ग्रीन कार्ड जारी
आरटीओ हल्द्वानी के अनुसार, ग्रीन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। रुद्रपुर, काशीपुर, हल्द्वानी और टनकपुर स्थित आरटीओ कार्यालयों से अब तक 101 ग्रीन कार्ड जारी किए जा चुके हैं। यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।
तकनीकी जांच और ड्राइवर ट्रेनिंग जरूरी
ग्रीन कार्ड प्राप्त करने के लिए वाहन मालिकों को तय प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसमें—
- वाहन की तकनीकी जांच (फिटनेस टेस्ट)
- पहाड़ी मार्गों के अनुरूप वाहन की स्थिति का परीक्षण
- चालक के लिए विशेष प्रशिक्षण
- हिल एंडोर्समेंट अनिवार्य
इन सभी मानकों को पूरा करने के बाद ही वाहन को ग्रीन कार्ड जारी किया जाएगा।
बिना ग्रीन कार्ड नहीं मिलेगी एंट्री
आरटीओ अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना ग्रीन कार्ड कोई भी कमर्शियल वाहन चारधाम यात्रा मार्ग पर नहीं चल सकेगा। ग्रीन कार्ड मिलने के बाद ही वाहन को यात्रा के लिए रवाना किया जाएगा।
सुरक्षा और व्यवस्था पर फोकस
परिवहन विभाग की इस पहल का मुख्य उद्देश्य यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। अधिकारियों का मानना है कि इस सख्ती से सड़क हादसों में कमी आएगी और श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे।
निष्कर्ष:
चारधाम यात्रा को लेकर इस बार प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। ग्रीन कार्ड व्यवस्था के जरिए न केवल वाहनों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।







