अल्मोड़ा स्थित जागेश्वर धाम में हाल ही में गर्भगृह के अंदर हथियार ले जाने की घटना के बाद अब मंदिर परिसर की पवित्रता और सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए गए हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने मंदिर परिसर में सख्त नियमों के साथ साइन बोर्ड लगा दिए हैं, जिनमें स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित गतिविधियों की जानकारी दी गई है।
मंदिर परिसर में कई गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध
एएसआई द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार की बैठक, पार्टी, मनोरंजन कार्यक्रम, शादी, जन्मदिन या सालगिरह जैसे आयोजनों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके अलावा नशे की हालत में किसी भी व्यक्ति का प्रवेश भी सख्ती से प्रतिबंधित किया गया है।
हथियार, ड्रोन और मोबाइल उपयोग पर भी रोक
नए नियमों के तहत मंदिर परिसर के अंदर किसी भी व्यक्ति को शस्त्र या हथियार ले जाने की अनुमति नहीं होगी। बिना पूर्व अनुमति के ड्रोन कैमरा, कैमरा या मोबाइल का उपयोग भी वर्जित कर दिया गया है। यह कदम मंदिर की गरिमा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
समय और अनुशासन के नियम भी तय
एएसआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद मंदिर परिसर में प्रवेश पूरी तरह निषिद्ध रहेगा। साथ ही कोई भी व्यक्ति अपने पालतू जानवरों को मंदिर परिसर में नहीं ला सकेगा।
नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
एएसआई ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंदिर की पवित्रता बनाए रखने के लिए इन निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा।
हथियार के साथ गर्भगृह में प्रवेश से मचा था हड़कंप
दरअसल, बीते 19 अप्रैल को जागेश्वर धाम के गर्भगृह में उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के जिलाधिकारी के सुरक्षा कर्मी द्वारा हथियार के साथ प्रवेश करने की घटना सामने आई थी। इस पर पुजारियों ने कड़ा विरोध जताया था और इसे मंदिर की परंपराओं के खिलाफ बताया था।
घटना के बाद मामला तूल पकड़ गया था। सुरक्षा कर्मी ने इसे प्रोटोकॉल का हिस्सा बताया, जबकि बरेली जिलाधिकारी को भी इस पर सफाई देनी पड़ी। इसी घटना के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने सख्त कदम उठाते हुए मंदिर परिसर में नए नियम लागू किए हैं।
पवित्रता और सुरक्षा बनाए रखना प्राथमिकता
एएसआई का कहना है कि जागेश्वर धाम जैसे विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल की गरिमा और पवित्रता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से इन नियमों को लागू किया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।







