देहरादून जनपद के विकासनगर क्षेत्र अंतर्गत जौनसार-बावर के पंजीटीलानी में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में वन मंत्री सुबोध उनियाल पहुंचे। शिविर के दौरान जनजातीय क्षेत्र के जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों को लेकर तीखी चर्चा देखने को मिली। स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार और रूद्र सेना के संस्थापक राकेश उत्तराखंडी ने जनजातीय समाज की वर्षों पुरानी समस्याएं मंत्री के समक्ष रखीं।
प्रतिनिधियों ने बताया कि जौनसार-बावर जनजातीय क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से जंगल से लकड़ी नहीं मिल पा रही है और लकड़ी लाने पर लोगों पर केस तक दर्ज किए जा रहे हैं। इस पर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने स्पष्ट किया कि कुल 17 प्रजातियों के पेड़ प्रतिबंधित हैं और उन पेड़ों को काटने के लिए अनुमति लेना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि नियमों के तहत ही कार्रवाई की जाती है, लेकिन स्थानीय लोगों की परेशानियों को भी गंभीरता से लिया जा रहा है।
करीब 700 बीघा जमीन के वन गुजरों के नाम दर्ज होने के सवाल पर वन मंत्री ने कहा कि बंदोबस्त एक न्यायिक प्रक्रिया है और इसी प्रक्रिया के तहत कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि पूरे मामले का परीक्षण कर शासन को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। स्थानीय लोगों ने इस दौरान डेमोग्राफी बदलने और जमीन पर बाहरी लोगों के अधिकार को लेकर भी चिंता जताई।
वन मंत्री ने भरोसा दिलाया कि माफी की लकड़ी को लेकर डीएफओ को सख्त निर्देश दिए गए हैं, ताकि पात्र लोगों को नियमानुसार माफी की लकड़ी उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य जनजातीय समाज के अधिकारों की रक्षा करना है, साथ ही वन संरक्षण भी जरूरी है।
गौरतलब है कि पंजीटीलानी खेल मैदान में जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के तहत इस बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर में सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी स्थानीय लोगों को दी गई। करीब 27 विभागों के स्टॉल लगाए गए, जिनके माध्यम से आम जनता को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया गया।
शिविर के दौरान लोगों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं, जिनके निस्तारण के लिए मौके पर ही प्रयास किए गए। कुल 178 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 29 शिकायतों का निस्तारण तत्काल कर दिया गया। बहुउद्देशीय शिविर में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल विभाग से जुड़ी शिकायतें सबसे अधिक रहीं, जबकि वन विभाग से संबंधित मामलों पर सबसे ज्यादा चर्चा होती नजर आई।
शिविर में जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिविर में पहुंचकर न केवल अपनी समस्याएं रखीं, बल्कि विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी भी प्राप्त की।







