हरिद्वार। अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ी वीआईपी कंट्रोवर्सी केस में फंसी उर्मिला सनावर से गुरुवार 8 जनवरी को हरिद्वार स्थित एसओजी कार्यालय में एसआईटी ने करीब 6 घंटे तक पूछताछ की। उर्मिला दोपहर करीब डेढ़ बजे एसओजी कार्यालय पहुंचीं और शाम साढ़े छह बजे बाहर निकलीं। हालांकि, इस मामले में हरिद्वार पुलिस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
सूत्रों के मुताबिक, पहले चार थानों के पुलिस अधिकारियों ने उर्मिला सनावर से पूछताछ की, इसके बाद एसआईटी के अधिकारियों ने उनसे सवाल-जवाब किए। एसआईटी प्रमुख व एसपी सिटी हरिद्वार अभय सिंह, सीओ लक्सर नताशा सिंह और एसपी देहात शेखर चंद सुयाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने पूछताछ की। हालांकि पूछताछ के बिंदुओं को लेकर पुलिस ने स्पष्ट जानकारी साझा नहीं की।
उर्मिला पर लगे ज्यादातर ऑफेंस बेलेबल
उर्मिला सनावर के वकील अंकुज कुमार ने बताया कि पुलिस द्वारा ‘पार्ट ऑफ इन्वेस्टिगेशन’ के तहत उर्मिला से पूछताछ की जा रही है। उनके अनुसार उर्मिला पर लगाए गए ज्यादातर आरोप जमानती हैं, जिनमें गिरफ्तारी का प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए समान है और आगे की कार्रवाई पूरी तरह कानून के अनुसार ही होगी।
जांच में पूरा सहयोग कर रही उर्मिला
वकील अंकुज कुमार ने यह भी बताया कि हरिद्वार की रानीपुर कोतवाली में दर्ज मुकदमे में उर्मिला के खिलाफ जो एमबीडब्ल्यू (गैर-जमानती वारंट) जारी किए गए हैं, उनका भी कानून के तहत निपटारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उर्मिला जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं और उनके पास जो भी साक्ष्य हैं, वे सभी जांच का हिस्सा हैं।
उर्मिला ने पुलिस को सौंपे एविडेंस
पुलिस पूछताछ के बाद उर्मिला सनावर ने भी मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है और उनके पास मौजूद सभी एविडेंस एसआईटी को सौंप दिए गए हैं। उर्मिला ने कहा कि यह कहना गलत है कि उनके तेवर बदल गए हैं।
उर्मिला सनावर ने कहा, “अंकिता भंडारी पूरे देश की बेटी है और मैं उसे न्याय दिलाकर रहूंगी। मेरे पास जो सबूत थे, उन्हें सुरक्षित रखना भी जरूरी था। एसआईटी के सभी सवालों के जवाब मैंने दिए हैं।”
उन्होंने इस सवाल पर कि क्या उनके तेवर नरम पड़े हैं, कहा कि ऐसा नहीं है।
उर्मिला ने आगे कहा कि वह लगातार कई घंटों तक एसआईटी जांच में शामिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग कह रहे हैं कि वह सत्ता के हाथों बिक गई हैं, जबकि सच्चाई यह है कि उनके खिलाफ हत्या के षड्यंत्र रचे गए। उन्होंने दावा किया कि जैसे ही उन्होंने पहला लाइव किया, उसी रात पुलिस की कई गाड़ियां उनके घर पहुंच गई थीं। जान बचाकर वह 29 दिसंबर को अपनी शूटिंग छोड़कर भागीं और इसके बाद गुरुद्वारों और रैन बसेरों में रहीं। उर्मिला ने कहा कि नया साल उन्होंने सड़कों पर बिताया, जिसका गवाह उनका ईश्वर है।
तेवर नहीं बदले, मोबाइल कोर्ट में जमा करेंगी
दर्शन भारती द्वारा 7 जनवरी को दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उर्मिला ने कहा कि उस दिन वह पूरे समय एसआईटी जांच में थीं, इसलिए उन्हें नहीं पता कि दर्शन भारती ने क्या कहा। उन्होंने साफ किया कि उनके तेवर बदलने वाले नहीं हैं।
उर्मिला ने यह भी बताया कि वह शुक्रवार को कोर्ट में अपना मोबाइल फोन जमा करेंगी।
जानिए पूरा मामला
दिसंबर 2025 के आखिर में उर्मिला सनावर ने फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने अपनी और बीजेपी से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर के बीच हुई फोन बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग चलाई थी। इस बातचीत में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कई दावे और खुलासे किए गए थे, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया था।
इसके बाद उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के खिलाफ हरिद्वार और देहरादून में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए। पुलिस ने दोनों को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजे, लेकिन दोनों पुलिस के सामने पेश नहीं हुए और इस बीच गायब भी हो गए थे।
उर्मिला सनावर 7 जनवरी को देहरादून पुलिस के सामने पेश हुईं, जबकि उसी दिन सुरेश राठौर को उत्तराखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली। हाईकोर्ट ने दर्ज सभी मामलों में सुरेश राठौर की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। इसके बाद सुरेश राठौर 8 जनवरी को हरिद्वार अपने घर पहुंचे और मीडिया से बातचीत करते हुए जांच में पूरा सहयोग करने की बात कही।
गौरतलब है कि उर्मिला सनावर खुद को सुरेश राठौर की पत्नी बताती हैं, जबकि दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। फिलहाल इस पूरे मामले पर एसआईटी की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।







