लक्सर। हरिद्वार जिले के लक्सर नगर पालिका का एक अजीबो-गरीब मामला इन दिनों चर्चा में है। सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में नगर पालिका ने विकास कार्यों से जुड़े दस्तावेजों के साथ गोलगप्पों और चाट-पकौड़ी की रेट लिस्ट भी संलग्न कर दी। यह रेट लिस्ट अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है और लोग इस पर मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
दरअसल, आरटीआई के जवाब में दिए गए दस्तावेजों के बीच एक प्रतिष्ठित मिष्ठान भंडार की रेट लिस्ट भी लगी हुई थी। इस सूची में चाट-पकौड़ी और गोलगप्पों की कीमतें दर्ज थीं। जब आवेदक ने कागजातों की जांच की तो यह देखकर वह हैरान रह गया। इसके बाद उसने इस रेट लिस्ट को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा कर दिया, जिससे मामला तेजी से वायरल हो गया।
सोशल मीडिया पर लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां कर रहे हैं। कोई नगर पालिका की कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है, तो कोई इसे लेकर चुटकी ले रहा है। कई लोग मजाकिया अंदाज में “विकास कार्यों के साथ जलपान की सूची” जैसे तंज भी कस रहे हैं।
ईओ ने बताया मानवीय त्रुटि
इस पूरे मामले पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी मोहम्मद कामिल ने सफाई दी है। उन्होंने बताया कि एक आवेदक द्वारा 25 दिसंबर 2025 को विकास कार्यों से संबंधित सूचना मांगी गई थी। इसके जवाब में 29 दिसंबर 2025 को संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए गए, लेकिन संभवतः उसी दौरान गलती से यह रेट लिस्ट भी संलग्न हो गई।
ईओ मोहम्मद कामिल ने कहा कि नगर पालिका द्वारा होली और दीपावली जैसे त्योहारों पर मिठाई की दुकानों से मिठाई मंगाई जाती है, संभव है कि उसी से संबंधित रेट लिस्ट दस्तावेजों के साथ गलती से चली गई हो। उन्होंने बताया कि इस लापरवाही को लेकर कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी।
कार्यशैली पर उठे सवाल
यह घटना न केवल नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि आरटीआई कानून के तहत सरकारी रिकॉर्ड में मौजूद कोई भी जानकारी सार्वजनिक हो सकती है—चाहे वह विकास कार्यों से जुड़ी हो या फिर गलती से संलग्न गोलगप्पों और चाट की रेट लिस्ट ही क्यों न हो। फिलहाल यह मामला लोगों के बीच चर्चा और हास्य का विषय बना हुआ है।







