देहरादून/गदरपुर: पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और अरविंद पांडे के बीच कथित मतभेदों की चर्चाएं उत्तराखंड की राजनीति में लगातार सुर्खियां बटोर रही थीं। दोनों नेताओं के रिश्तों में खटास को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। हालांकि शनिवार को गदरपुर में सामने आई तस्वीरों ने इन सभी अटकलों पर फिलहाल विराम लगा दिया। मुख्यमंत्री धामी और विधायक अरविंद पांडे न केवल एक साथ दिखाई दिए, बल्कि उन्होंने साथ में वाटर स्पोर्ट्स और बोटिंग का आनंद भी लिया।
दरअसल, गदरपुर में प्रस्तावित अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हरीपुरा बौर जलाशय पहुंचे थे। इस दौरान विधायक अरविंद पांडे भी उनके साथ मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को सभी तैयारियां तय मानकों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड तेजी से देश के प्रमुख वॉटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश और टिहरी में वॉटर स्पोर्ट्स की अपार संभावनाओं को विकसित करने के साथ-साथ राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे अवसरों को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल अवसंरचना को मजबूत करने, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों से न केवल साहसिक खेलों को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि पर्यटन, स्थानीय रोजगार और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने हरीपुरा बौर जलाशय को उत्तराखंड के उभरते हुए पर्यटन केंद्रों में से एक बताते हुए इसकी संभावनाओं को और विकसित करने की बात कही।
वहीं विधायक अरविंद पांडे ने भी मुख्यमंत्री धामी का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री के स्वागत की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हरीपुरा बौर जलाशय में हाई स्पीड मोटरबोटिंग का अनुभव बेहद रोमांचकारी है। इस दौरान उनके परिवार और कार्यकर्ताओं ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री और अरविंद पांडे की यह मुलाकात राजनीतिक दृष्टि से भी काफी अहम मानी जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में अरविंद पांडे विभिन्न विवादों को लेकर चर्चा में रहे हैं। जमीन विवाद, कथित भू-माफिया संबंधी आरोपों और उनके बेटे पर लगे आरोपों को लेकर विपक्ष समय-समय पर भाजपा पर हमलावर रहा है। इसके अलावा उनके आवास से जुड़े सरकारी भूमि कब्जे के आरोपों ने भी राजनीतिक माहौल को गर्माया था।
ऐसे में मुख्यमंत्री धामी का गदरपुर पहुंचना, अरविंद पांडे के साथ मंच साझा करना और उनके साथ सार्वजनिक रूप से समय बिताना राजनीतिक संदेशों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि दोनों नेताओं ने किसी राजनीतिक चर्चा पर टिप्पणी नहीं की, लेकिन उनकी साझा मौजूदगी ने उन चर्चाओं को जरूर कमजोर किया है जिनमें दोनों के बीच दूरी की बात कही जा रही थी।
गदरपुर में आयोजित इस कार्यक्रम ने एक ओर जहां अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों को नई गति दी, वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड की राजनीति में चल रही कई अटकलों को भी विराम देने का काम किया। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में दोनों नेताओं की यह नजदीकी राजनीतिक रूप से क्या संदेश देती है।






