रुद्रप्रयाग: हिमालय की गोद में बसे विश्व प्रसिद्ध तृतीय केदार श्री तुंगनाथ धाम में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। दुनिया के सबसे ऊंचे शिव मंदिरों में शामिल तुंगनाथ धाम में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। यात्रा सीजन शुरू होने के बाद से अब तक 60 हजार से अधिक श्रद्धालु भगवान तुंगनाथ के दर्शन कर चुके हैं, जो इस वर्ष तीर्थयात्रियों की बढ़ती आस्था और उत्साह को दर्शाता है।
समुद्र तल से लगभग 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ धाम न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक वातावरण के कारण भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है। इन दिनों धाम में दर्शन के लिए लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत कर दिया है।
रुद्रप्रयाग पुलिस ने श्रद्धालुओं के लिए विशेष एडवाइजरी जारी करते हुए अपील की है कि सभी यात्री मंदिर परिसर में निर्धारित कतारों में लगकर ही दर्शन करें और दर्शन के बाद अनावश्यक रूप से परिसर में भीड़ एकत्र न करें। प्रशासन का कहना है कि सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन कराने के लिए सहयोग और अनुशासन बेहद आवश्यक है।
इसी बीच मौसम विभाग की चेतावनी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम के अचानक बदलने, तेज हवाओं, घने कोहरे और फिसलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं।
सुरक्षा के मद्देनजर चंद्रशिला ट्रैक को प्रतिदिन दोपहर 12 बजे के बाद पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि दोपहर के बाद मौसम तेजी से खराब हो सकता है, जिससे ट्रैक पर मौजूद यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। रुद्रप्रयाग पुलिस ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि दोपहर 12 बजे के बाद कोई भी श्रद्धालु चंद्रशिला की ओर जाने का प्रयास न करे।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में ट्रैकिंग करना जोखिम भरा साबित हो सकता है। ऐसे में श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
तुंगनाथ क्षेत्र के एसएचओ मनोज नेगी ने कहा कि यात्रियों को पर्याप्त गर्म कपड़े, रेनकोट, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान साथ लेकर यात्रा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में मौसम कभी भी बदल सकता है और थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेना जरूरी है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि तुंगनाथ और चंद्रशिला क्षेत्र में पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमें लगातार तैनात हैं और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग अलर्ट मोड में हैं।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच प्रशासन की प्राथमिकता सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करना है। अधिकारियों का कहना है कि तीर्थयात्रियों के सहयोग से ही यात्रा को सफल और सुरक्षित बनाया जा सकता है। ऐसे में सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें और अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें, ताकि बाबा तुंगनाथ के दर्शन का यह आध्यात्मिक अनुभव सुखद और यादगार बन सके।






