हल्द्वानी: नैनीताल जनपद के हल्द्वानी शहर से शनिवार शाम एक बड़ी घटना सामने आई, जहां कोतवाली क्षेत्र स्थित एमबीपीजी डिग्री कॉलेज गेट के पास संचालित एक रेस्टोरेंट में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरा रेस्टोरेंट इसकी चपेट में आ गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तथा कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम एमबीपीजी डिग्री कॉलेज के मुख्य गेट के समीप स्थित ओलाइव रेस्टोरेंट से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही देर में आग तेजी से फैल गई और रेस्टोरेंट के विभिन्न हिस्सों को अपनी चपेट में लेने लगी। आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर पहुंचे अग्निशमन अधिकारियों ने बिना समय गंवाए आग बुझाने का अभियान शुरू किया। इस दौरान अग्निशमन अधिकारी मिंदर पाल सिंह, सीओ अमित सैनी और सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी भी प्रशासनिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की।
दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास किए। आग की तीव्रता को देखते हुए फायर कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन समय रहते आग को नियंत्रित कर लिया गया। अधिकारियों के अनुसार यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता तो यह आसपास के अन्य प्रतिष्ठानों तक भी फैल सकती थी और बड़ा हादसा हो सकता था।
इस आगजनी में रेस्टोरेंट के भीतर रखा फर्नीचर, रसोई उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक सामान, सजावटी सामग्री और अन्य जरूरी संसाधन जलकर खाक हो गए। प्रारंभिक आकलन के अनुसार रेस्टोरेंट संचालक को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। हालांकि नुकसान की वास्तविक राशि का आकलन अभी किया जा रहा है।
राहत की बात यह रही कि घटना के समय कोई भी व्यक्ति आग की चपेट में नहीं आया और किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। प्रशासन और दमकल विभाग की तत्परता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया।
फिलहाल पुलिस और फायर विभाग आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट सहित अन्य संभावित कारणों को भी ध्यान में रखा जा रहा है, हालांकि आग लगने की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
इसके अलावा प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि कॉलेज परिसर के बाहर संचालित इस रेस्टोरेंट के पास सभी आवश्यक अनुमति और अग्नि सुरक्षा मानकों से संबंधित दस्तावेज मौजूद थे या नहीं। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर चिंता जताई है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।






