हरिद्वार: उत्तराखंड के औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल में जीएसटी चोरी के खिलाफ राज्य कर विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार कंपनियों पर एक साथ छापेमारी की। जांच के दौरान करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी और सर्कुलर ट्रेडिंग का मामला सामने आया। विभाग ने मौके पर ही दो करोड़ रुपये का जुर्माना वसूल किया, जबकि कंपनियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड भी जब्त कर लिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, सिडकुल क्षेत्र में संचालित ये कंपनियां प्लास्टिक दाना उत्पादन और ट्रेडिंग के कारोबार से जुड़ी हैं। राज्य कर विभाग की इस कार्रवाई के बाद औद्योगिक क्षेत्र की अन्य कंपनियों में भी हड़कंप मच गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कई अन्य कंपनियां भी जांच के दायरे में हैं और उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जा सकती है।
चार टीमों ने एक साथ की छापेमारी
राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा, हरिद्वार की टीम ने बुधवार को सिडकुल क्षेत्र की चार कंपनियों में एक साथ सर्वेक्षण और जांच अभियान चलाया। आयुक्त राज्य कर प्रतीक जैन के निर्देश पर गठित चार अलग-अलग टीमों ने कंपनियों के परिसरों में पहुंचकर दस्तावेजों और स्टॉक का सत्यापन किया।
राज्य कर उपायुक्त कार्तिकेय वर्मा ने बताया कि अभियान के लिए विशेष अनुसंधान शाखा, सचल दल और ऑडिट इकाई समेत कुल 12 अधिकारियों की टीम तैनात की गई थी। जांच के दौरान कंपनियों के स्टॉक और उनके कर संबंधी रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
सर्कुलर ट्रेडिंग और फर्जी ITC का खेल उजागर
अधिकारियों के मुताबिक जांच में चारों कंपनियां जीएसटी चोरी और सर्कुलर ट्रेडिंग में लिप्त पाई गईं। कंपनियां आपस में ही लेन-देन दिखाकर अपने कारोबार का टर्नओवर कृत्रिम रूप से बढ़ा रही थीं। साथ ही अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ उठाकर जीएसटी रिटर्न में नकद कर भुगतान बेहद कम या शून्य दिखाया जा रहा था।
जांच के दौरान कंपनियों के खरीद-बिक्री रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक का मिलान किया गया, जिसमें बड़े स्तर पर विसंगतियां सामने आईं। अधिकारियों ने इसे कर अपवंचन का गंभीर मामला बताया है।
महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त
कार्तिकेय वर्मा ने बताया कि छापेमारी के दौरान जीएसटी से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त कर लिए गए हैं। इन दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद कर देनदारी और जुर्माने की अंतिम राशि निर्धारित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि फिलहाल कंपनियों से दो करोड़ रुपये की राशि वसूल की गई है, जबकि जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार अतिरिक्त टैक्स और जुर्माने की वसूली भी की जाएगी।
विभाग की चेतावनी, अभियान रहेगा जारी
आयुक्त राज्य कर प्रतीक जैन ने स्पष्ट किया कि राज्य कर विभाग का विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट दिखाकर कर चोरी करने वाले कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कर अपवंचन के मामलों पर विभाग की कड़ी नजर है और ऐसी गतिविधियों में शामिल कंपनियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में भी संदिग्ध कंपनियों पर जांच और छापेमारी की कार्रवाई जारी रहेगी।






