ऋषिकेश: टिहरी जनपद के मुनि की रेती थाना क्षेत्र से एक दुखद खबर सामने आई है। शिवपुरी चौकी प्रभारी विनोद शर्मा की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं, उनके निधन की सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, शिवपुरी चौकी प्रभारी विनोद शर्मा सोमवार रात मुनि की रेती क्षेत्र में अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। मंगलवार सुबह नाइट ड्यूटी समाप्त करने के बाद वह अपने निजी वाहन से शिवपुरी चौकी की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनका वाहन अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरा।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, लंबे समय तक ड्यूटी करने के कारण उन्हें नींद की झपकी आ गई थी, जिसके चलते यह हादसा हुआ। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ और राहत-बचाव दल तत्काल मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू टीम ने खाई में उतरकर वाहन तक पहुंच बनाई और गंभीर रूप से घायल विनोद शर्मा को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे की खबर मिलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर फैल गई। सहकर्मियों के अनुसार विनोद शर्मा एक कर्तव्यनिष्ठ, मेहनती और जिम्मेदार अधिकारी थे। अपने व्यवहार और कार्यशैली के कारण वह पुलिस विभाग के साथ-साथ स्थानीय लोगों के बीच भी काफी लोकप्रिय थे। उनके आकस्मिक निधन को विभाग के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
मुनि की रेती थाना के उपनिरीक्षक योगेश पाण्डेय ने बताया कि चौकी प्रभारी विनोद शर्मा नाइट ड्यूटी पूरी करने के बाद अपने निजी वाहन से शिवपुरी लौट रहे थे। इसी दौरान उनका वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर खाई में गिर गया। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिवंगत अधिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। पूरे क्षेत्र में इस दुखद घटना को लेकर शोक का माहौल बना हुआ है।
गौरतलब है कि हाल ही में चंपावत जिले के बनबसा में भी एक एसओजी जवान की जिम में व्यायाम के दौरान तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने सुरक्षा बलों और पुलिस कर्मियों के स्वास्थ्य तथा कार्य के दबाव को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।






