चमोली: सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा इस वर्ष नए रिकॉर्ड स्थापित कर रही है। कर्णप्रयाग में 16 जून को हुई विवाद की घटना के बावजूद यात्रा पूरी तरह सौहार्दपूर्ण और सुचारु रूप से संचालित हो रही है। हर दिन करीब 5 हजार श्रद्धालु हेमकुंड साहिब पहुंचकर मत्था टेक रहे हैं। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या यह साबित कर रही है कि आस्था और विश्वास के साथ यात्रा लगातार गति पकड़ रही है।
एक महीने में 1.32 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे
विश्व प्रसिद्ध गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई 2026 को श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। तब से लेकर अब तक यात्रियों का लगातार आगमन जारी है। 23 जून तक कुल 1,32,353 श्रद्धालु गुरुद्वारा साहिब में हाजिरी लगा चुके हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 30 हजार अधिक है।
सोमवार 22 जून को यात्रा सीजन का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा दर्ज किया गया, जब एक ही दिन में 5,136 श्रद्धालु हेमकुंड साहिब पहुंचे। वहीं मंगलवार 23 जून को 4,974 श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेका।
आज इतने श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
23 जून को दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं में 2,606 पुरुष, 1,898 महिलाएं और 470 बच्चे शामिल रहे। वहीं 23 मई से 23 जून तक पहुंचे कुल 1,32,353 श्रद्धालुओं में 78,717 पुरुष, 47,074 महिलाएं और 6,562 बच्चे शामिल हैं।
यात्रा मार्ग से पूरी तरह पिघली बर्फ
इस वर्ष मौसम यात्रियों के लिए अनुकूल बना हुआ है। हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर जमी बर्फ पूरी तरह पिघल चुकी है, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही पहले की तुलना में अधिक सुगम हो गई है। पवित्र हेमकुंड सरोवर से भी बर्फ हट चुकी है, जिससे श्रद्धालु प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक वातावरण का भरपूर आनंद ले रहे हैं।
हालांकि ऊंची पर्वत चोटियों पर अभी भी बर्फ जमी हुई है, जिसके कारण क्षेत्र में ठंड का असर बना हुआ है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है और बड़ी संख्या में यात्री दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
घांघरिया में बढ़ी रौनक
यात्रा के बेस कैंप घांघरिया में इन दिनों विशेष चहल-पहल देखने को मिल रही है। गोविंदघाट गुरुद्वारे से लेकर घांघरिया और हेमकुंड साहिब तक पूरे यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की लगातार आवाजाही बनी हुई है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब के साथ-साथ लोकपाल लक्ष्मण मंदिर में भी दर्शन कर रहे हैं।
यात्रा व्यवस्थाओं की सराहना
गुरुद्वारा श्री हेमकुंड मैनेजमेंट ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सरदार सेवा सिंह ने बताया कि यात्रा पूरी तरह सुचारु रूप से संचालित हो रही है और मार्ग पर बर्फ पिघलने के कारण श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा,
“हेमकुंड साहिब की यात्रा सुचारू रूप से संचालित हो रही है। यात्रा मार्ग समेत हेमकुंड साहिब क्षेत्र में बर्फ पूरी तरह पिघल चुकी है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है।”
उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष अब तक पिछले साल की तुलना में करीब 30 हजार अधिक श्रद्धालु हेमकुंड साहिब पहुंच चुके हैं, जो यात्रा के प्रति बढ़ते विश्वास और उत्साह को दर्शाता है।
सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी से बचने की अपील
हेमकुंड साहिब यात्रा पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही भ्रामक और नकारात्मक जानकारियों को वास्तविकता से परे बताया है। श्रद्धालुओं का कहना है कि कुछ लोग केवल प्रसिद्धि और व्यूज हासिल करने के लिए यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर गलत तस्वीर पेश कर रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं बेहतर हैं और यात्रा पूरी तरह सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से चल रही है।
प्रशासन और स्थानीय लोगों की सराहना
श्रद्धालुओं ने प्रशासन, पुलिस, स्थानीय नागरिकों और गुरुद्वारा प्रबंधन समिति की ओर से दी जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और सेवा भाव की खुलकर प्रशंसा की है। उनका कहना है कि सभी एजेंसियां यात्रियों की सुविधा और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही हैं।
लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और बेहतर व्यवस्थाओं के बीच हेमकुंड साहिब यात्रा इस वर्ष नए कीर्तिमान स्थापित करती दिखाई दे रही है। देवभूमि उत्तराखंड की गोद में बसे इस पवित्र तीर्थ स्थल पर आस्था का यह सैलाब दिन-प्रतिदिन और मजबूत होता जा रहा है।






