उत्तरकाशी: उत्तरकाशी जिले के दुर्गम कालिंदी ट्रैक समेत अलग-अलग ट्रैक रूटों पर खराब मौसम के कारण फंसे ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए चलाया गया बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। SDRF, भारतीय सेना, UCADA, पैरामिलिट्री बल, उत्तराखंड पुलिस और स्थानीय प्रशासन समेत कई विभागों की टीमों ने संयुक्त अभियान चलाकर सभी फंसे हुए ट्रेकर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
चार अलग-अलग ट्रैक रूट से 67 ट्रेकर्स का रेस्क्यू
रेस्क्यू अभियान के दौरान विभिन्न ट्रैक रूटों से कुल 67 ट्रेकर्स को सकुशल निकाला गया। इनमें—
- ऑडेन कोल: 29 ट्रेकर्स
- कालिंदी खाल: 19 ट्रेकर्स
- माउंट जॉगिंग: 8 ट्रेकर्स
- वासुकी ताल: 11 ट्रेकर्स
शामिल हैं।
पैदल और हेली रेस्क्यू के जरिए निकाले गए ट्रेकर्स
SDRF के सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने बताया कि SDRF की टीमें अन्य बचाव एजेंसियों के साथ मिलकर बेहद दुर्गम और चुनौतीपूर्ण इलाकों में रेस्क्यू अभियान में जुटी रहीं। बचाव दलों ने कई स्थानों पर कठिन परिस्थितियों में पैदल पहुंचकर ट्रेकर्स को निकाला, जबकि जरूरत के अनुसार हेली रेस्क्यू की भी मदद ली गई।
तेज हवाओं और बर्फबारी के बीच चुनौतीपूर्ण रहा अभियान
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बचाव दलों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दुर्गम पहाड़ी भू-भाग, अत्यधिक ऊंचाई, तेज हवाएं, खराब मौसम, भारी बर्फबारी और कठिन ट्रैकिंग परिस्थितियों ने अभियान को चुनौतीपूर्ण बना दिया।
हेली रेस्क्यू के दौरान भी तेज हवाओं और प्रतिकूल मौसम के कारण हेलीकॉप्टर संचालन में दिक्कतें आईं। इसके बावजूद सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और टीमवर्क के चलते अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
हर्षिल पहुंचाकर अस्पताल में कराया स्वास्थ्य परीक्षण
रेस्क्यू किए गए सभी 67 ट्रेकर्स को हर्षिल हेलीपैड पहुंचाया गया। इसके बाद उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया और जरूरत के अनुसार उपचार उपलब्ध कराया।
खराब मौसम के कारण फंसे थे ट्रेकर्स
बता दें कि उत्तरकाशी के कालिंदी खाल समेत कई अन्य ऊंचाई वाले ट्रैक रूटों पर मौसम खराब होने के कारण ट्रेकर्स फंस गए थे। स्थिति की जानकारी मिलने के बाद विभिन्न बचाव एजेंसियों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया था।
कई दिनों तक चले इस चुनौतीपूर्ण अभियान के बाद अब सभी 67 फंसे हुए ट्रेकर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जिससे प्रशासन और बचाव टीमों ने राहत की सांस ली है।







