देहरादून: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने राज्य के दीर्घकालिक और समावेशी विकास को गति देने के उद्देश्य से जनपदवार विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी जिलों को राज्य, जिला और पंचायत स्तर पर विजन डॉक्यूमेंट 2047 तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए शीघ्र वर्कशॉप आयोजित कर विकास की दीर्घकालिक दिशा और प्राथमिकताएं तय की जाएं, ताकि योजनाएं जमीनी जरूरतों के अनुरूप प्रभावी ढंग से लागू हो सकें।
सोमवार को सचिवालय स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय विजन डॉक्यूमेंट 2047 की तर्ज पर जिला, खंड और पंचायत स्तर पर भी दूरदर्शी विकास रोडमैप तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य की चुनौतियों और जरूरतों को ध्यान में रखकर ही ठोस और परिणामोन्मुखी विकास संभव है।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पंचायत, खंड और जनपद स्तर के विजन डॉक्यूमेंट शीघ्र तैयार किए जाएं और इसके लिए आवश्यक वर्कशॉप का आयोजन किया जाए। इन वर्कशॉप्स में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य हितधारकों को शामिल कर विकास की प्राथमिकताओं पर व्यापक चर्चा की जाए, ताकि योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें।
जिला योजना पर समयबद्ध तैयारी के निर्देश
बैठक में जिला योजना को विकास की रीढ़ बताते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिला योजना समितियों की बैठकें मार्च माह तक अनिवार्य रूप से आयोजित कर ली जाएं। इसके लिए अभी से सभी तैयारियां पूरी करने और योजनाओं के एस्टीमेट पहले से तैयार रखने पर बल दिया गया, ताकि स्वीकृति और क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि आमजन की समस्याओं के प्रभावी समाधान के लिए यदि जिला योजना की गाइडलाइंस में सुधार की आवश्यकता हो, तो उसमें बदलाव किए जाएं। उद्देश्य यह होना चाहिए कि जिला योजना स्थानीय जरूरतों के अनुरूप अधिक लचीली, व्यावहारिक और प्रभावी बने।
खरीद प्रक्रिया में विकेंद्रीकरण पर जोर
मुख्य सचिव ने उद्यान, कृषि और पशुपालन विभाग को जनपद स्तर पर खरीद प्रक्रिया के लिए अधिक अधिकार देने की बात कही। उन्होंने मूल्य निर्धारण को अधिक व्यावहारिक बनाने और एक वर्ष के बजाय दो से तीन वर्षों के लिए मूल्य तय करने जैसे विकल्पों पर विचार करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में स्थिरता और समयबद्धता सुनिश्चित हो सके।
जन-जन की सरकार और आजीविका योजनाओं पर फोकस
मुख्य सचिव ने कहा कि जन-जन की सरकार कार्यक्रम के तहत प्राप्त शिकायतों और सुझावों के निस्तारण के लिए ठोस योजनाएं तैयार की जाएं और उनकी प्रकृति के अनुसार उन्हें जिला या राज्य योजना में शामिल किया जाए। उन्होंने राज्य सेक्टर, डीएपी और सीसीएस योजनाओं की मासिक समीक्षा बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
आजीविका से जुड़ी योजनाओं को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने कहा कि इनकी जनपद स्तर पर मासिक समीक्षा और राज्य स्तर पर त्रैमासिक समीक्षा बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी, ताकि रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।
महिला विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान
मुख्य सचिव ने राजकीय महिला विद्यालयों में 8 मार्च 2026 तक टॉयलेट निर्माण के मामले में शत-प्रतिशत संतृप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दोहराए। साथ ही उन्होंने टॉयलेट्स की नियमित सफाई, रखरखाव और स्थायी प्रबंधन व्यवस्था के लिए ठोस योजना तैयार करने पर भी विशेष जोर दिया।







