नैनीताल में मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) गोविंद जायसवाल एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। विद्यालयों में अनुशासन और समयबद्ध संचालन सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने सख्त कदम उठाते हुए समय से पूर्व विद्यार्थियों की छुट्टी करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में जीआईसी सेमलखलिया और प्राथमिक विद्यालय सेमलखलिया, विकासखंड रामनगर के कुल 17 अध्यापकों और लिपिकों का वेतन रोकने के आदेश जारी किए गए हैं।
मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद जायसवाल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि जीआईसी सेमलखलिया और प्राथमिक विद्यालय सेमलखलिया में निर्धारित समय से पहले ही स्कूल की छुट्टी कर दी गई थी। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए संबंधित शिक्षकों और लिपिकों के विरुद्ध वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है।
उन्होंने अवगत कराया कि शुक्रवार को रामनगर क्षेत्र की सवालदेय न्याय पंचायत अंतर्गत 10 विद्यालयों का सघन निरीक्षण किया गया। इनमें जीआईसी ढेला, प्राथमिक विद्यालय ढेला, हाईस्कूल पटरानी, प्राथमिक विद्यालय पटरानी, प्राथमिक विद्यालय पटरानी नंबर-3, प्राथमिक विद्यालय कारगिल पटरानी, कन्या जूनियर हाईस्कूल सवालदे, प्राथमिक विद्यालय सवालदे, जीआईसी सेमलखलिया और प्राथमिक विद्यालय सेमलखलिया शामिल हैं।
निरीक्षण के दौरान कई विद्यालयों में कार्यप्रणाली की जांच की गई। जहां कहीं भी शिक्षकों द्वारा कार्य में लापरवाही, गैरहाजिरी या समय का पालन न करने की स्थिति पाई गई, वहां कार्रवाई अमल में लाई गई। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने जिले के सभी विद्यालयों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि विद्यालय संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि विद्यालयों में समय का विशेष ध्यान रखा जाए और निर्धारित अवधि में पाठ्यक्रम को पूरा किया जाए। समय से पाठ्यक्रम पूर्ण न करने वाले शिक्षकों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग की इस सख्ती से जिले के अन्य विद्यालयों में भी हड़कंप मचा हुआ है और शिक्षकों को नियमों के पालन के प्रति सतर्क कर दिया गया है।







