देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हीरा सिंह बिष्ट पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके निधन से प्रदेश की राजनीति और श्रमिक आंदोलन से जुड़े लोगों में शोक की लहर है। शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उनके सेवक आश्रम रोड स्थित आवास पहुंचे और पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
सीने में दर्द के बाद अस्पताल में कराया गया था भर्ती
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात करीब डेढ़ बजे हीरा सिंह बिष्ट के सीने में दर्द की शिकायत हुई। इसके बाद परिजन उन्हें ईस्ट कैनाल रोड स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे।
उनके निधन की खबर मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं, समर्थकों और प्रदेशभर के राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों में शोक की लहर दौड़ गई।
जमीनी नेता के रूप में थी अलग पहचान
हीरा सिंह बिष्ट को उत्तराखंड की राजनीति में एक जमीनी और जनप्रिय नेता के रूप में जाना जाता था। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में श्रमिकों, मजदूरों और मलिन बस्ती में रहने वाले लोगों के अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाई।
उत्तर प्रदेश और बाद में उत्तराखंड की राजनीति में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई। एन.डी. तिवारी सरकार में उन्होंने परिवहन, श्रम और तकनीकी शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली थी।
श्रमिकों के अधिकारों के लिए किया संघर्ष
हीरा सिंह बिष्ट लंबे समय तक इंटक (INTUC) के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने श्रमिकों के अधिकारों और उनके हितों की रक्षा के लिए कई आंदोलनों का नेतृत्व किया। श्रम क्षेत्र में उनके योगदान को आज भी याद किया जाता है।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
हीरा सिंह बिष्ट के अंतिम दर्शन के लिए उनके सेवक आश्रम रोड स्थित आवास पर राजनीतिक दलों के नेताओं, राज्य आंदोलनकारियों, समाजसेवियों और बड़ी संख्या में समर्थकों का जमावड़ा लगा रहा।
सत्ता और विपक्ष के नेताओं ने एक साथ पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके सार्वजनिक जीवन में दिए गए योगदान को याद किया।
मुख्यमंत्री धामी ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा,
“देहरादून में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट जी के आवास पर पहुंचकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। लोक सेवा और जनकल्याण के प्रति आपके कार्य सदैव स्मरणीय रहेंगे।”
गणेश गोदियाल बोले- उत्तराखंड ने अपना बड़ा हितैषी खो दिया
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने हीरा सिंह बिष्ट के निधन को कांग्रेस परिवार और पूरे उत्तराखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
उन्होंने कहा,
“उनका इस प्रकार दुनिया से चले जाना कांग्रेस परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। साथ ही संपूर्ण उत्तराखंड ने भी एक बड़ा जननेता खो दिया है। श्रम जगत में उनके योगदान और श्रमिकों के हितों के लिए किए गए संघर्ष को हमेशा याद रखा जाएगा। उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड विधानसभा तक उन्होंने क्षेत्रीय हितों की प्रभावी पैरवी की।”
खजान दास ने बताया जनप्रिय नेता
उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री खजान दास ने भी हीरा सिंह बिष्ट के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रदेश की राजनीति के लिए बड़ी क्षति है।
उन्होंने कहा,
“दिवंगत हीरा सिंह बिष्ट का राजनीतिक चरित्र हमेशा मिलनसार रहा। उनका व्यवहार दलगत राजनीति से ऊपर था। वे सरल स्वभाव और जनप्रिय व्यक्तित्व के धनी नेता थे।”
पक्ष-विपक्ष के नेताओं ने दी अंतिम विदाई
हीरा सिंह बिष्ट के अंतिम दर्शन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, कैबिनेट मंत्री खजान दास, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में समर्थकों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
उनके निधन से उत्तराखंड की राजनीति ने एक ऐसे नेता को खो दिया है, जिन्होंने सार्वजनिक जीवन में जनसेवा, श्रमिक कल्याण और सामाजिक सरोकारों को हमेशा प्राथमिकता दी।






