मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में बीती रात हुई मूसलाधार बारिश लोगों के लिए आफत बनकर आई। लगातार कई घंटों तक हुई भारी बारिश के कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन, मलबा और सड़क बाधित होने की घटनाएं सामने आईं। सबसे ज्यादा नुकसान पानी वाले बैंड क्षेत्र में हुआ, जहां पहाड़ी से आए भारी मलबे की चपेट में एक रेस्टोरेंट आ गया और उसे गंभीर क्षति पहुंची।
राहत की बात यह रही कि रेस्टोरेंट में मौजूद लोगों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। यदि कुछ मिनट की भी देरी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोग देर रात तक राहत और बचाव में जुटे रहे।
दूसरी बार तबाह हुआ रेस्टोरेंट
स्थानीय लोगों ने बताया कि वर्ष 2025 की आपदा में भी यही रेस्टोरेंट पूरी तरह नष्ट हो गया था। भारी आर्थिक नुकसान झेलने के बाद मालिक ने दोबारा मेहनत कर इसे खड़ा किया था, लेकिन एक बार फिर प्रकृति के कहर ने उसकी सारी मेहनत पर पानी फेर दिया।
लगातार दूसरी बार हुए इस नुकसान ने क्षेत्र में मौजूद स्थायी आपदा खतरे को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि पानी वाले बैंड क्षेत्र लंबे समय से भूस्खलन की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है, फिर भी यहां अब तक स्थायी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए।
कैंपटी रोड राष्ट्रीय राजमार्ग 707A भूस्खलन से बंद
भारी बारिश के कारण मसूरी-कैंपटी रोड स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग 707A भी प्रभावित हुआ। गस्ती बैंड के पास भारी भूस्खलन होने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई, जिससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मार्ग बंद होने के कारण कई वाहन रास्ते में फंस गए और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया तथा यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी।
मसूरी-देहरादून मार्ग पर कई जगह गिरा मलबा
लगातार बारिश के चलते मसूरी-देहरादून मार्ग पर भी कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ। सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें आ जाने से यातायात कई घंटों तक बाधित रहा। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का अभियान शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार मार्ग को चरणबद्ध तरीके से सुचारू करने का प्रयास किया जा रहा है, हालांकि लगातार बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है।
पानी वाले बैंड क्षेत्र पर प्रशासन की विशेष निगरानी
हाल के दिनों में लगातार बारिश के कारण पानी वाले बैंड क्षेत्र की सड़क पहले से ही कमजोर और संवेदनशील बनी हुई है। प्रशासन ने इस इलाके को हाई-रिस्क जोन मानते हुए विशेष निगरानी बढ़ा दी है। भू-वैज्ञानिकों और तकनीकी टीमों से भी स्थिति का आकलन कराया जा रहा है।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर मानसून में पानी वाले बैंड क्षेत्र में भूस्खलन होता है, लेकिन स्थायी भू-सुरक्षा कार्य आज तक नहीं किए गए। उनका कहना है कि केवल अस्थायी सफाई और मलबा हटाने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
लोगों ने मांग की है कि:
पहाड़ी की स्थायी रिटेनिंग वॉल बनाई जाए,
ड्रेनेज व्यवस्था मजबूत की जाए,
भूस्खलन संभावित क्षेत्रों का वैज्ञानिक उपचार किया जाए,
और प्रभावित व्यापारियों को आर्थिक सहायता दी जाए।
पर्यटन और आजीविका पर खतरा
मसूरी की अर्थव्यवस्था काफी हद तक पर्यटन पर निर्भर है। लगातार भूस्खलन और सड़क बंद होने की घटनाओं से होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबार प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि हर वर्ष इसी तरह की स्थिति बनी रही तो पर्यटन सीजन पर गंभीर असर पड़ेगा और हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी।
फिलहाल प्रशासन लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील कर रहा है। मसूरी में बारिश का दौर जारी है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।






