हरिद्वार: साल के आखिरी दिन हरिद्वार पुलिस ने ऑपरेशन रिकवरी के तहत आम लोगों को बड़ी राहत दी है। सिडकुल थाना और नगर कोतवाली पुलिस ने कुल 138 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली स्वामियों को सौंपे। बरामद किए गए मोबाइल फोन की कुल कीमत करीब 34 लाख रुपये आंकी गई है। लंबे समय से अपने मोबाइल खोने की उम्मीद छोड़ चुके लोगों के चेहरे पर फोन वापस मिलते ही खुशी साफ झलकने लगी।
आंकड़ों के मुताबिक सिडकुल थाना पुलिस ने 126 मोबाइल फोन रिकवर किए, जिनकी मार्केट वैल्यू लगभग 32 लाख रुपये बताई जा रही है। वहीं नगर कोतवाली पुलिस ने 12 मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी कीमत करीब 1 लाख 80 हजार रुपये है। सभी मोबाइल सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल की मदद से ट्रेस किए गए, जो खोए या चोरी हुए मोबाइल की बरामदगी में बेहद प्रभावी साबित हुआ।
सिडकुल थाने में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एसपी क्राइम जितेंद्र मेहरा ने बताया कि हरिद्वार पुलिस केवल अपराध और नशा तस्करी पर अंकुश लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए भी लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मोबाइल जैसे जरूरी साधन के खो जाने के बाद ऑपरेशन रिकवरी लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है। बरामद किए गए अधिकांश मोबाइल सिडकुल क्षेत्र में कार्यरत बाहरी राज्यों से आए श्रमिकों, विभिन्न कंपनियों के कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों के हैं।
एसपी क्राइम जितेंद्र मेहरा ने आगे बताया कि जिन मोबाइल फोन की बरामदगी हुई है, उनके खोने की शिकायतें नगर कोतवाली और सिडकुल थाने में दर्ज थीं। दोनों थानों की पुलिस के साथ-साथ एसओजी की टीम भी लगातार मोबाइलों को ट्रैक कर रही थी। कई लोग तो शिकायत दर्ज कराने के बाद मोबाइल मिलने की उम्मीद छोड़ चुके थे, लेकिन पुलिस और एसओजी की सतत मेहनत से यह संभव हो पाया।
उन्होंने बताया कि मोबाइल बरामदगी के लिए एएसपी निशा यादव के नेतृत्व में पुलिस और एसओजी की टीम ने मिलकर अभियान चलाया। सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से खोए मोबाइलों की पहचान कर उन्हें अलग-अलग स्थानों से बरामद किया गया। मोबाइल वापस पाकर सभी शिकायतकर्ता काफी उत्साहित नजर आए और उन्होंने हरिद्वार पुलिस का आभार जताते हुए इस पहल की सराहना की।
एसपी क्राइम ने यह भी स्पष्ट किया कि आगे भी सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से खोए हुए मोबाइलों की रिकवरी का अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को राहत मिल सके और पुलिस पर आमजन का भरोसा और मजबूत हो।







