रामनगर। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में 2 जनवरी को 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला की जान लेने वाले संदिग्ध बाघ को पार्क प्रशासन ने तड़के करीब 2:30 बजे सफलतापूर्वक ट्रेंकुलाइज कर लिया। बाघ को बेहोश करने के बाद उसे ढेला रेंज स्थित रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है, जहां कॉर्बेट पार्क के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. दुष्यंत शर्मा और उनकी टीम द्वारा उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।
लगातार निगरानी के बाद की गई कार्रवाई
पार्क प्रशासन द्वारा घटना के बाद से ही पूरे इलाके की लगातार निगरानी की जा रही थी। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक राहुल मिश्रा ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए घटनास्थल के आसपास कैमरा ट्रैप लगाए गए थे और पिंजरा भी स्थापित किया गया था। कैमरा ट्रैप में जिस बाघ की गतिविधियां लगातार रिकॉर्ड हो रही थीं, उसी के आधार पर आज तड़के उसे ट्रेंकुलाइज किया गया।
उन्होंने बताया कि ट्रेंकुलाइज किया गया बाघ नर (मेल) टाइगर है, जिसकी उम्र करीब 5 से 7 वर्ष के बीच आंकी गई है। फिलहाल बाघ पूरी तरह स्वस्थ है। उपनिदेशक ने बताया कि बाघ और मृतक महिला के सैंपल सीसीएमबी, हैदराबाद भेजे जाएंगे, ताकि डीएनए जांच के जरिए यह स्पष्ट किया जा सके कि महिला पर हमला करने वाला बाघ यही था या नहीं।
घटना वाले क्षेत्र में अन्य बाघ भी थे मौजूद
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि जिस इलाके में यह घटना हुई, वहां अन्य बाघों की भी मौजूदगी थी, लेकिन जिस बाघ को ट्रेंकुलाइज किया गया है, वह कैमरा ट्रैप में बार-बार उसी क्षेत्र में दिखाई दे रहा था। इसी आधार पर विशेषज्ञों ने उसी बाघ को पकड़ने का निर्णय लिया।
ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
गौरतलब है कि 2 जनवरी को रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत सांवल्दे गांव के जंगल में लकड़ी लेने गई 60 वर्षीय सखियां देवी पत्नी चंदू सिंह पर बाघ ने हमला कर दिया था। बाघ महिला को घसीटते हुए जंगल के भीतर ले गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से गांव और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल बना हुआ था और ग्रामीण बीते एक सप्ताह से लगातार बाघ को पकड़ने की मांग कर रहे थे।
संदिग्ध बाघ के ट्रेंकुलाइज होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वहीं प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जंगल की ओर जाते समय सतर्क रहें और वन विभाग द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।







