हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से कांवड़ मेले के बीच एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में नहाते समय चार कांवड़िए डूब गए। बताया जा रहा है कि पहले एक किशोर पानी में फंसकर डूबने लगा, जिसे बचाने के प्रयास में उसके तीन अन्य साथी भी गंगनहर में उतर गए और चारों गहराई में समा गए। काफी देर तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद चारों के शव बरामद कर लिए गए हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सभी कांवड़िए चंडीगढ़ से एक समूह के साथ गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंचे थे। कांवड़ यात्रा के दौरान गुरुवार को वे जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान एक किशोर अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए उसके तीन साथी तुरंत पानी में कूद पड़े, लेकिन वे भी तेज बहाव और गहराई का सही अंदाजा नहीं लगा सके। देखते ही देखते चारों युवक पानी में लापता हो गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
गंगनहर में बने गहरे गड्ढे बने हादसे की वजह
स्थानीय लोगों के अनुसार, गंगनहर में सिल्ट की सफाई के कारण पानी का स्तर कुछ कम किया गया था। पानी कम होने से कई कांवड़िए नहर के बीच तक चले गए थे और वहीं स्नान कर रहे थे। बताया जा रहा है कि नहर के बीच में एक गहरा गड्ढा बना हुआ था, जिसकी गहराई का अंदाजा किशोर नहीं लगा सके। पहले एक किशोर उस गड्ढे में फंस गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए अन्य तीन किशोर भी उसी जगह पहुंच गए, लेकिन वे भी गहराई और पानी के दबाव की चपेट में आ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुछ ही सेकंड में चारों युवक पानी के अंदर चले गए और फिर दिखाई नहीं दिए। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
जल पुलिस और गोताखोरों ने चलाया रेस्क्यू अभियान
घटना की सूचना मिलते ही जल पुलिस, स्थानीय पुलिस और गोताखोरों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। गंगनहर में काफी देर तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर तलाश की और बाद में चारों कांवड़ियों के शव बरामद कर लिए गए।
मृतकों की उम्र करीब 16 से 18 वर्ष के बीच बताई जा रही है। हादसे के बाद उनके साथ आए अन्य कांवड़ियों और स्थानीय लोगों में शोक और दहशत का माहौल है।
पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव
एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और उनके परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
कांवड़ मेले के बीच बढ़ी चिंता
गौरतलब है कि 30 जुलाई से हरिद्वार में कांवड़ मेला शुरू हो चुका है। इस बार मेले में चार करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। हरिद्वार के प्रमुख गंगा घाटों और संवेदनशील स्थानों पर जल पुलिस, गोताखोरों और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी हादसे की स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य किया जा सके।
पहले भी हो चुका है हादसा
कुछ दिन पहले भी हरिद्वार में एक कांवड़िया गंगा में डूबने लगा था, जिसे मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने समय रहते बचा लिया था। इसके बावजूद कई श्रद्धालु सुरक्षा निर्देशों की अनदेखी कर गंगा और गंगनहर के बीच तक चले जाते हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
पुलिस की अपील
पुलिस और प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल निर्धारित और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें। गंगा या गंगनहर के बीच तक जाने का प्रयास न करें और जल पुलिस के निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों ने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
कांवड़ मेले की आस्था और उत्साह के बीच हरिद्वार में हुआ यह हादसा चार परिवारों के लिए गहरा सदमा बन गया है। एक साथी को बचाने की कोशिश में चार किशोरों की मौत ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है।






