हल्द्वानी: नैनीताल जिले की हल्द्वानी तहसील में गुरुवार को जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के औचक निरीक्षण में राजस्व मामलों में गंभीर लापरवाही सामने आई। भू-राजस्व अधिनियम की धारा-41 और पैमाइश से जुड़े कई प्रकरण महीनों से लंबित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए एक राजस्व उपनिरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, जबकि एक राजस्व निरीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने तहसील में लंबित राजस्व पत्रावलियों की गहन समीक्षा की। जांच में सामने आया कि कई मामलों में नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण बड़ी संख्या में आवेदन लंबे समय से लंबित पड़े हैं और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सौरभ असवाल और नगर मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी को सभी लंबित पत्रावलियों का दोबारा परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
नगर मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी ने बताया कि राजस्व उपनिरीक्षक एवं प्रभारी राजस्व निरीक्षक काठगोदाम संजय प्रसाद के स्तर पर दिसंबर 2025 से पहले के 16 प्रकरण सहित कई आवेदन लंबित पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि हरेंद्र सिंह, गीता पुत्री भैरवदत्त और राजकुमारी बिष्ट के मामलों में तहसीलदार के स्पष्ट आदेशों के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं की गई।
एक मामले में तो निरीक्षण की तिथि तक भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और शासकीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-2003 के तहत संजय प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील भीमताल निर्धारित किया गया है। इसके अलावा तत्कालीन राजस्व निरीक्षक ब्रजेश कुमार द्वारा भी धारा-41 और पैमाइश से जुड़े कई मामलों को लंबित रखने के आरोप में उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट कहा कि राजस्व विभाग से जुड़े मामलों का सीधा संबंध आम जनता से है। ऐसे मामलों में देरी या लापरवाही लोगों के अधिकारों को प्रभावित करती है, इसलिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
इस कार्रवाई के बाद तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में लंबित राजस्व मामलों के निस्तारण को लेकर व्यापक समीक्षा अभियान चलाया जा सकता है, ताकि लोगों को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं मिल सकें।






