उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत संचालित राजकीय मेडिकल कॉलेजों में जल्द ही 365 असिस्टेंट प्रोफेसरों की सीधी भर्ती की जाएगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इसके लिए डिपार्टमेंटवार रोस्टर और भर्ती प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। शासन स्तर पर प्रस्ताव का परीक्षण होने के बाद इन पदों पर सीधी भर्ती के लिए उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को अधियाचन भेजा जाएगा। इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
चिकित्सा शिक्षा विभाग में 365 पदों पर होगी भर्ती
राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर, हल्द्वानी, देहरादून, अल्मोड़ा, हरिद्वार, रुद्रपुर और पिथौरागढ़ में कुल 27 विभागों के अंतर्गत असिस्टेंट प्रोफेसरों के खाली पड़े 365 पदों पर भर्ती की जाएगी। विभाग द्वारा तैयार किए गए डिपार्टमेंटवार रोस्टर में बैकलॉग के रिक्त पदों को भी शामिल किया गया है।
रोस्टर के अनुसार इनमें अनुसूचित जाति के 115, अनुसूचित जनजाति के 10, अन्य पिछड़ा वर्ग के 67, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 37 और अनारक्षित श्रेणी के 136 पद शामिल हैं। इस भर्ती प्रस्ताव को चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा शासन को भेज दिया गया है, जिससे जल्द ही चयन बोर्ड के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
27 विभागों में होगी सीधी भर्ती
प्रदेश के सातों राजकीय मेडिकल कॉलेजों में विभिन्न संकायों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति की जाएगी। विभागवार रिक्त पदों में एनाटॉमी, बायोकेमिस्ट्री, ब्लड बैंक और फोरेंसिक मेडिसिन में 8-8 पद, फिजियोलॉजी में 13, पैथोलॉजी में 18, माइक्रोबायोलॉजी में 6, डर्मेटोलॉजी में 6, फार्माकोलॉजी में 12, कम्युनिटी मेडिसिन में 21, जनरल मेडिसिन में 49, टीबी एवं चेस्ट में 5 और ऑप्थल्मोलॉजी में 5 पद शामिल हैं।
इसके अलावा साइकियाट्री और डेंटिस्ट्री में 3-3, पीडियाट्रिक्स में 19, जनरल सर्जरी में 44, ऑर्थोपेडिक्स में 17, रेडियोडायग्नोसिस में 17, ईएनटी में 7, इमरजेंसी मेडिसिन में 7, फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन में 7, वायरोलॉजी में 7, ऑब्स एंड गायनी में 37, रेडियोथेरेपी में 8, एनेस्थीसियोलॉजी में 20 और स्टेटिशियन विभाग में 2 असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी।
567 पद स्वीकृत, 365 खाली
वर्तमान में राजकीय मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 567 पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष केवल 202 स्थायी असिस्टेंट प्रोफेसर कार्यरत हैं, जबकि 365 पद रिक्त चल रहे हैं। इन रिक्त पदों पर चयन बोर्ड के माध्यम से शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में होगा सुधार
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि नए असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति से राजकीय मेडिकल कॉलेजों में लंबे समय से चली आ रही फैकल्टी की कमी दूर होगी। उन्होंने कहा कि इससे मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों को अनुभवी और योग्य शिक्षकों का लाभ मिलेगा, जिससे राज्य में चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर होगी।







