ऋषिकेश: शिवाजी नगर में महिला की गोली मारकर हत्या करने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सुरेश गुप्ता को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित छुटमलपुर से दबोचा गया है। घटना के बाद से ही आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था, लेकिन आखिरकार पुलिस की कड़ी निगरानी और सतत प्रयासों के चलते उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
गौरतलब है कि बीते शनिवार 31 जनवरी की रात करीब साढ़े 9 बजे ऋषिकेश कोतवाली क्षेत्र के शिवाजी नगर गली नंबर 11 में किराए पर रह रही एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जहां हमलावर को भागते हुए देखा गया, जबकि कमरे के अंदर महिला खून से लथपथ हालत में फर्श पर पड़ी थी। सूचना मिलते ही लोगों ने तत्काल पुलिस को जानकारी दी।
घटना की सूचना पर ऋषिकेश कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं, मृतका के पिता बच्चन सिंह रावत ने ऋषिकेश कोतवाली में लिखित तहरीर देकर महिला की हत्या का आरोप सुरेश गुप्ता पर लगाया, जिसके आधार पर पुलिस ने बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी सुरेश गुप्ता ने वारदात के बाद अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर लिया था और लगातार ठिकाने बदल रहा था। बावजूद इसके, पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से उसे सहारनपुर के छुटमलपुर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस उससे हत्या की असली वजह जानने के लिए पूछताछ कर रही है, हालांकि शुरुआती जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच और स्थानीय लोगों से पूछताछ में सामने आया है कि महिला का कुछ वर्ष पहले अपने पति से तलाक हो चुका था। कोरोनाकाल के दौरान वह काम के सिलसिले में ऋषिकेश आई थी, जहां एक दुकान में कार्य करते हुए उसकी मुलाकात सुरेश गुप्ता से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और सुरेश का महिला के घर आना-जाना शुरू हो गया। इस प्रेम संबंध की जानकारी जब सुरेश की पत्नी और परिजनों को हुई तो उसके पारिवारिक जीवन में लगातार विवाद होने लगे।
बताया जा रहा है कि इसी विवाद के चलते सुरेश गुप्ता ने करीब चार महीने पहले आपसी सहमति से अपनी पत्नी से तलाक ले लिया था, ताकि वह महिला से विवाह कर सके। शादी से पहले महिला और उसके परिजनों ने ऋषिकेश में संपत्ति लेने की शर्त रखी थी। इसके लिए आरोपी ने लक्सर स्थित अपनी पैतृक संपत्ति लगभग 35 लाख रुपये में बेच दी, लेकिन उक्त राशि में ऋषिकेश में मनपसंद मकान न मिलने के कारण दोनों के बीच तनाव बढ़ता गया। इसी मनमुटाव और अवसाद के चलते आरोपी के व्यवहार में आक्रामकता आने की बात सामने आई है।
इस हत्याकांड ने कानून व्यवस्था और पुलिसिंग पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतका के पिता बच्चन सिंह रावत का आरोप है कि सुरेश गुप्ता आए दिन उन्हें धमकाता था और इस संबंध में उन्होंने एम्स चौकी में तहरीर भी दी थी, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। वहीं मृतका की बहन ने भी आरोप लगाया कि सुरेश महिला के साथ मारपीट करता था और उसकी हिंसक हरकतों से तंग आकर ही उसने शादी से इंकार कर दिया था। बहन का कहना है कि सुरेश ने एक बार गला दबाकर महिला की जान लेने की कोशिश भी की थी, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में एम्स में भर्ती कराया गया था।
फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। महिला की नृशंस हत्या से इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं।







