जिला प्रशासन की प्रभावी कार्रवाई के चलते ग्राम अटक फार्म, परगना पछुवादून विकासनगर में 15 वर्षों से आवंटित भूमि पर आखिरकार विधिवत कब्जा दिलाया गया। मामला सेलाकुई स्थित टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के तहत टिहरी बांध परियोजना से विस्थापित परिवारों को आवंटित आवासीय भूखंडों से जुड़ा है।
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परियोजना के विस्थापित को मिला अधिकार
शिकायतकर्ता सुमेर चंद एवं अन्य लाभार्थियों ने आवासीय भूखंड संख्या-29 पर अवैध कब्जे की शिकायत प्रशासन से की थी। इस पर जिलाधिकारी Savin Bansal के निर्देश पर कार्रवाई शुरू की गई।
बताया गया कि टिहरी बांध परियोजना के तहत विस्थापित एक निम्न मध्यम वर्गीय पहाड़ी दंपति की आवासीय भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण और खेती की जा रही थी। पीड़ित परिवार पिछले 15 वर्षों से अपने अधिकार के लिए भटक रहा था।
संयुक्त टीम ने किया स्थलीय निरीक्षण
डीएम के निर्देश पर उपजिलाधिकारी की अगुवाई में संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने पुनर्वास स्थल अटक फार्म में भूखंड संख्या-15, 16, 17, 27, 28 और 29 का स्थलीय निरीक्षण किया। टिहरी बांध परियोजना द्वारा स्वीकृत नक्शों और राजस्व अभिलेखों का मिलान कराया गया।
जांच में पाया गया कि ये भूखंड खसरा संख्या-301, 302 और 303 के भाग हैं, जिन्हें टिहरी बांध परियोजना से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के लिए क्रय किया गया था।
अवैध कब्जा हटवाकर दिलाया वैध अधिकार
संयुक्त जांच में यह भी सामने आया कि स्वर्गीय कुंदन लाल जोशी के वारिसानों द्वारा उक्त भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर गन्ने की खेती की जा रही थी। प्रशासनिक टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जा हटवाया और आवंटित भूखंड संख्या-29 सहित संबंधित भूखंडों पर शिकायतकर्ता सुमेर चंद एवं अन्य लाभार्थियों को विधिसम्मत कब्जा दिलाया।
लाभार्थियों ने जताया आभार
भूमि पर वैध अधिकार प्राप्त होने के बाद लाभार्थियों ने जिलाधिकारी सविन बंसल से मुलाकात कर आभार व्यक्त किया। लाभार्थी महिला ने अपने भाई के साथ डीएम देहरादून का धन्यवाद करते हुए कहा कि वर्षों से लंबित समस्या का समाधान प्रशासन की सक्रिय पहल से संभव हो सका।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि पात्र लाभार्थियों के अधिकारों की रक्षा के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
इस कार्रवाई को विस्थापित परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है और प्रशासन की तत्परता की सराहना की जा रही है।







